फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से संसद में पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक को लेकर क्षेत्र के शिक्षाविदों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि कानून का प्रभावी ढंग से पालन हुआ तो वर्षों से मेहनत कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा और परीक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
शिक्षाविदों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से छात्रों का मनोबल प्रभावित हुआ था। नए कानून के लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनेगी। वहीं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने उम्मीद जताई कि अब उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सकेगा।
मेहनत करने वालों को मिलेगा न्याय "पेपर लीक की घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सबसे अधिक नुकसान होता है। नए कानून से ऐसे अपराधों पर रोक लगेगी और मेहनत करने वालों को उनका अधिकार मिलेगा।"
— अमनदीप मित्तल, छात्र
परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी "कानून जितना सख्त होगा, परीक्षा प्रणाली उतनी ही निष्पक्ष बनेगी। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी।"
— रिया गुप्ता, छात्रा
तकनीक के बेहतर उपयोग की जरूरत "कानून के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल निगरानी और मजबूत तकनीकी व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना पूरी तरह खत्म हो सके।"
— आकाश, छात्र
दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो "सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है। दोषियों के खिलाफ त्वरित जांच और समयबद्ध कार्रवाई होगी तभी इसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देगा और छात्रों का विश्वास कायम रहेगा।"
— सागर गुप्ता, छात्र
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया भरोसा "लोक परीक्षा संशोधन विधेयक परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों की मेहनत सुरक्षित होगी और शिक्षा व्यवस्था के प्रति समाज का विश्वास बढ़ेगा।"
— उमा गुप्ता, प्रधानाचार्य, उमा देव इंटरनेशनल इंटर कॉलेज
कड़ाई से लागू हो कानून "यदि इस कानून का पूरी गंभीरता से पालन कराया गया तो भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलेगा और शिक्षा जगत में सकारात्मक माहौल बनेगा।"
— डॉ अर्चना गौतम, प्रधानाचार्य, डॉ. अनूप लाल बंसल बालिका इंटर कॉलेज
रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044 750
