आगरा। भदोही जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने के निर्णय का भारतीय जाटव समाज संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता उपेंद्र सिंह ने स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के नाम पर जिले का नामकरण केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता, मानवता और सामाजिक सम्मान की महान विचारधारा को प्रतिष्ठित करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
उपेंद्र सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने सदियों पहले जिस समतामूलक और भेदभावरहित जातिविहीन समाज का सपना देखा था, वह आज भी राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज को जाति-पंथ के संकीर्ण बंधनों से ऊपर उठकर मानवता, प्रेम, करुणा, समानता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संत रविदास जी ऐसे समाज की कल्पना करते थे, जहां किसी के साथ जाति, वर्ग अथवा ऊंच-नीच के आधार पर भेदभाव न हो और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान एवं समान अवसर मिले। ऐसे महान संत के नाम को सम्मान देना उनके विचारों और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
नाम परिवर्तन को बताया सामाजिक सम्मान का ऐतिहासिक संदेश
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पूर्व में बहन मायावती जी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया गया था, जिसे बाद में अखिलेश यादव सरकार के समय पुनः भदोही कर दिया गया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के नाम पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण जी के निवेदन पर योगी आदित्यनाथ जी ने किया है। अब संत रविदास जी के नाम को पुनः सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश गया है। आज केंद्र और प्रदेश की सरकारें सामाजिक समरसता एवं महापुरुषों के सम्मान की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः डॉ. भीमराव आंबेडकर जी के नाम पर किए जाने तथा औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर जी के नाम पर किए जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
‘समरस संकल्प अभियान’ बनेगा सामाजिक एकता का सेतु
उपेंद्र सिंह ने बताया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश वर्ष के पावन अवसर पर राष्ट्रव्यापी ‘समरस संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। लगभग सात माह तक चलने वाला यह अभियान संत रविदास जी के समता, सामाजिक सद्भाव, समानता और जाति-विहीन समाज के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और सम्मान का संदेश दिया था। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में उतने ही प्रासंगिक हैं। नई पीढ़ी को संत रविदास जी की महान शिक्षाओं से जोड़ना और उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने संत रविदास जी की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका सपना था ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम वसे, रविदास रहे प्रसन्न। उपेंद्र सिंह ने कहा कि इसी भावना के अनुरूप गरीबों के कल्याण और खाद्य सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से करोड़ों जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
‘संत रविदास के विचारों को घर-घर तक पहुंचाएंगे’
संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश वर्ष के पावन अवसर पर उपेंद्र सिंह ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने लगभग 650 वर्ष पूर्व समाज को जोड़ने, भेदभाव मिटाने और समता स्थापित करने का जो महान कार्य किया था, उसे आगे बढ़ाना आज की पीढ़ी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि संत रविदास जी के समानता, समता, सामाजिक सद्भाव, सामाजिक समरसता और जाति-विहीन समाज के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के विचारों को मानने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उन्हें सामाजिक एकता के सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। संत रविदास जी का संदेश किसी एक समाज तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए है। उनके विचारों को आत्मसात कर ही ऐसा भारत बनाया जा सकता है, जहां सामाजिक भेदभाव के लिए कोई स्थान न हो और प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, समानता एवं गरिमा के साथ जीवन जी सके।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
