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भूमिधरी भूमि पर पार्क निर्माण का आरोप, हाईकोर्ट की रोक के बाद राजस्व विभाग और नगरपालिका की कार्यशैली पर उठे सवाल
  • 151019049 - VISHAL RAWAT 0 0
    29 Jul 2026 23:19 PM



चिलबिला के रंजीतपुर में निजी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताकर बाउंड्रीवाल बनाने का आरोप, पीड़ित काश्तकार की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने निर्माण कार्य पर लगाई रोक

फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद के सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत चिलबिला के रंजीतपुर स्थित सच्चा आश्रम के समीप बराछा मोड़ के पास सई नदी के उत्तरी तट पर प्रस्तावित पार्क निर्माण अब कानूनी विवाद में घिर गया है।काश्तकार मनोज पाण्डेय ने नगरपालिका प्रशासन एवं सदर तहसील के राजस्व अधिकारियों पर उनकी भूमिधरी भूमि को गलत तरीके से ग्राम समाज की भूमि दर्शाकर उस पर जबरन कब्जा करने और बाउंड्रीवाल बनाकर पार्क निर्माण शुरू कराने का गंभीर आरोप लगाया है।पीड़ित मनोज पाण्डेय का कहना है कि पार्क निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन करते समय राजस्व विभाग ने तथ्यों की अनदेखी की। उनकी निजी भूमिधरी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताते हुए बिना सहमति और बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए नगरपालिका प्रशासन ने बाउंड्रीवाल का निर्माण कराकर उस पर पार्क विकसित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने संबंधित राजस्व अधिकारियों एवं नगरपालिका प्रशासन के समक्ष कई बार आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्याय की उम्मीद में मनोज पाण्डेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए संबंधित भूमि पर चल रहे पार्क निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आदेश पारित कर दिया।न्यायालय के आदेश के बाद निर्माण कार्य फिलहाल रोक दिया गया है। इस प्रकरण के सामने आने के बाद सदर तहसील के राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली तथा नगरपालिका प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी अभिलेखों के आधार पर निजी भूमि को ग्राम समाज की भूमि बताकर निर्माण कराना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना जाएगा। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं, इस पूरे मामले में अभी तक जिला प्रशासन, राजस्व विभाग अथवा नगरपालिका परिषद की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की वास्तविक स्थिति न्यायालय में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049



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