आगरा। शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है। आगरा दौरे पर पहुंचे आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने सर्किट हाउस सभागार में नगर निगम, जलकल, समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई कर्मियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीवर कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सुरक्षा किट उपलब्ध कराई जाए तथा सफाई कर्मचारियों को आगामी तीन माह के भीतर ग्रीष्मकालीन वर्दी का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों और मृतक आश्रितों से जुड़े एसीपी भुगतान की प्रक्रिया को अगस्त माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। आयोग उपाध्यक्ष ने सिर पर मैला उठाने की अमानवीय कुप्रथा के उन्मूलन के लिए संचालित योजना की भी समीक्षा की और अधिकारियों से इसकी नियमित प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित योजना की समीक्षा बैठक प्रत्येक तीन माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।
बैठक में उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी ने सफाई कर्मचारियों सहित सभी संवर्गों के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के अवसर पर एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई। उन्होंने मृतक आश्रितों को शीघ्र नियुक्ति दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
वहीं उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने संविदा सफाई कर्मचारियों के लिए प्रभावी सेवा नियमावली बनाए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) के दायरे में लाकर उन्हें और उनके आश्रित परिवारों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने संविदा सफाई कर्मचारियों के ईएसआई कार्ड बनाए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
बैठक में अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच सफाई कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान, सेवा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से विचार-विमर्श हुआ। आयोग उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जो कर्मचारी शहर को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके अधिकारों और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही गंभीरता से निभाई जानी चाहिए।
इस दौरान अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपजिलाधिकारी संतोष कुमार शुक्ला, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा, अपर समाज कल्याण अधिकारी मोनिका सोनी एवं दिलीप कुमार, जेडएसओ योगेंद्र कुशवाह सहित हरीबाबू वाल्मीकि, राजू डागौर, सूरज पहलवान, रोहित लवानिया, संतोष डागौर, रोबिन इलाहाबादी, राजकुमार विद्यार्थी, रेशम सिंह चाहर, शनी चौहान, बसंत पाथरे, राकेश साहू, रंजीत नरवार, पप्पन, ऋतिक इलाहाबादी, मनीष सोनू डोगरा, निखिल इलाहाबादी, युवराज इलाहाबादी, आजाद सिंह, अभिषेक मैसी, कान्हा ठाकुर सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
