फास्ट न्यूज इंडिया यूपी हरदोई/शाहाबाद। शाहाबाद तहसील में तत्कालीन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील कुमार मिश्रा पर लगाए गए गंभीर आरोप जांच में साबित नहीं हुए। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने लेखपाल पूजा देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने विस्तृत जांच के बाद 14 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में पाया गया कि पूर्व परगना आलमनगर और पछोहा क्षेत्र की खतौनी फीडिंग का कार्य लंबे समय से लंबित था। संबंधित लेखपाल के स्थानांतरण के बाद यह जिम्मेदारी पूजा देवी को सौंपी गई थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं किया गया। इसे प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही माना गया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि राजस्व विभाग के कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा करना अधीनस्थ कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। खतौनी फीडिंग लंबित रहने से भूलेख संबंधी कार्य प्रभावित हुए, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
बीमारी का दावा प्रमाणित नहीं हुआ
जांच के दौरान लेखपाल पूजा देवी ने आंखों की बीमारी का हवाला देते हुए कार्य प्रभावित होने की बात कही। समिति ने उनसे उपचार से संबंधित चिकित्सीय अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन जांच अवधि में कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके चलते बीमारी संबंधी दावे की पुष्टि नहीं हो सकी।
एसडीएम पर लगाए आरोप नहीं मिले सही
समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि तत्कालीन एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा द्वारा दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार या जातिसूचक टिप्पणी किए जाने के आरोप प्रमाणित नहीं हुए। जांच में यह सामने आया कि अधिकारियों की ओर से केवल लंबित खतौनी फीडिंग के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
डीएम के निर्देश पर निलंबन
जिलाधिकारी ने 22 जुलाई 2026 को जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए। आदेश के अनुपालन में शाहाबाद के उप जिलाधिकारी एवं नियुक्ति प्राधिकारी अवनीश कुमार ने लेखपाल पूजा देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, बशर्ते वे यह प्रमाणित करें कि वे किसी अन्य नौकरी, व्यापार या व्यवसाय से जुड़ी नहीं हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई जांच समिति की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार की गई है। मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया भी नियमों के अनुरूप जारी रहेगी। रिपोर्ट - चन्दन यादव 151137475
