तस्करी के लगातार बदलते तरीकों की समीक्षा के बाद नारकोटिक्स विभाग ने नेपाल सीमा पर एआई का पहरा लगाने की रणनीति तैयार की है। स्मार्ट कैमरा, सेंसर, रियल टाइम इंटेलिजेंस और साइबर मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिये सीमा क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाएगी। एआई आधारित तकनीक से तस्करी के बदलते तरीकों का विश्लेषण किया जाएगा।
नारकोटिक्क्स विभाग का जोर अब केवल नशे की खेप पकड़ने पर नहीं होगा, बल्कि तस्करों की पूरी सप्लाई चेन, डिजिटल नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों को एक साथ निशाना बनाया जाएगा। वर्ष 2023 से 2025 तक की समीक्षा में पता चला कि तस्करी का तरीका अब विकेंद्रीकृत हो गया है।
[नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में तस्करों ने अपने तौर-तरीके बदल दिए हैं। अब पुराने रास्तों के साथ नए मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा है। छोटे-छोटे कैरियर, बदलते ठिकाने, ऑनलाइन संपर्क और डिजिटल भुगतान सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
भारत-नेपाल की खुली सीमा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती रही है। जांच में सामने आया है कि नेपाल के रास्ते हेरोइन, चरस, गांजा, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं की खेप भारत पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इसके बाद इन्हें गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच समेत अन्य जिलों के रास्ते बड़े शहरों तक भेजने की कोशिश की जाती है।
एआई बताएगा संदिग्ध गतिविधियों का पैटर्न
नई रणनीति में एआई की मदद से सीमा क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों का पैटर्न तैयार किया जाएगा। स्मार्ट कैमरे और सेंसर संदिग्ध आवाजाही, बार-बार बदलते रास्तों और असामान्य गतिविधियों की पहचान में मदद करेंगे। इसके अलावा विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी एक क्षेत्र में पकड़े गए तस्कर से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
इस तरह काम करता है पूरा नेटवर्क
पहले एक व्यक्ति पूरी प्रक्रिया संभालता था लेकिन अब नेटवर्क को कई हिस्सों में बांट दिया गया है। सीमा से माल लाने वाला व्यक्ति अलग होता है, उसे आगे पहुंचाने वाला अलग और पैसों का प्रबंधन करने वाला अलग। ऐसे में केवल कैरियर की गिरफ्तारी से पूरा नेटवर्क नहीं टूट पाता। अब जांच का फोकस सप्लायर और फाइनेंसर तक पहुंचने पर रहेगा
वर्ष कार्रवाई सामने आया तरीका
2023 83 तस्कर गिरफ्तार, 144.5 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स कैरियर आधारित तस्करी
2024 162 तस्कर गिरफ्तार, 191.46 मादक पदार्थ बरामद सप्लाई चेन का विस्तार
2025 206 तस्कर गिरफ्तार, 448.02 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद ऑनलाइन संपर्क और हवाला नेटवर्क
2026 78 तस्कर गिरफ्तार, 02.60 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद सीमा क्षेत्र के छोटे रास्ते और पगडंडियां
डिजिटल भुगतान और चैटिंग एप भी जांच के घेरे में
तस्कर अब मोबाइल एप, एन्क्रिप्टेड चैट और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। खरीदार और सप्लायर के बीच सीधा संपर्क कम हो गया है। ऐसे में डिजिटल ट्रांजेक्शन, ऑनलाइन गतिविधियों और साइबर नेटवर्क की जांच के जरिये तस्करों तक पहुंचने की तैयारी है। ड्रोन के जरिये सप्लाई की आशंका को भी सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है। सीमा क्षेत्र के छोटे रास्ते, स्थानीय कैरियर नेटवर्क, नकद भुगतान और हवाला जैसे माध्यमों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इन मोर्चों पर बढ़ेगी निगरानी
सीमा क्षेत्र के छोटे रास्ते और पगडंडियां
स्थानीय कैरियर नेटवर्क
डिजिटल माध्यमों से होने वाले संपर्क
नकद और हवाला भुगतान
कई राज्यों में फैली सप्लाई चेन
तस्करी रोकने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल
एआई से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान
स्मार्ट कैमरा और सेंसर आधारित निगरानी
रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करना
डिजिटल प्लेटफॉर्म की मॉनिटरिंग
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से बेहतर समन्वय
नारकोटिक्स विभाग की योजना अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है। लक्ष्य तस्करों की सप्लाई चेन, डिजिटल नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों को एक साथ निशाना बनाकर नेपाल रूट से होने वाली तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना है।- आनंद प्रकाश तिवारी, जॉइंट डायरेक्टर, नारकोटिक्स
रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
