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यूपी, गोरखपुर, कुसम्ही बाजार l वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव के कर्क राशि में प्रवेश (कर्क संक्रांति) के साथ ही सभी 12 राशियों पर इसका व्यापक प्रभाव प्रारंभ हो गया है। सूर्य देव 17 अगस्त तक कर्क राशि में विराजमान रहेंगे, जिसके बाद वे अपनी स्वराशि सिंह में प्रवेश करेंगे। इस अवधि में करियर, व्यवसाय, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राशिवार प्रभाव
मेष: चौथे भाव में सूर्य के गोचर से पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। भूमि, भवन या संपत्ति संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
वृषभ: तीसरे भाव का सूर्य साहस, आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि करेगा। नौकरी और व्यवसाय में सफलता के साथ नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। मान-सम्मान बढ़ने के योग हैं।
मिथुन: दूसरे भाव में सूर्य के प्रभाव से वाणी में कठोरता आ सकती है। आर्थिक लाभ के संकेत हैं, लेकिन निवेश और खर्च में सावधानी बरतना आवश्यक होगा।
कर्क: आपकी ही राशि में सूर्य का गोचर होने से व्यक्तित्व प्रभावशाली बनेगा, लेकिन क्रोध और अहंकार से बचना होगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखें।
सिंह: बारहवें भाव का सूर्य अनावश्यक खर्च बढ़ा सकता है। न्यायालय संबंधी मामलों में सतर्क रहें तथा बिना आवश्यकता लंबी यात्राओं से बचें।
कन्या: ग्यारहवें भाव में सूर्य का गोचर अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आय में वृद्धि, पुराने निवेश से लाभ तथा वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के प्रबल योग हैं।
तुला: दसवें भाव में सूर्य करियर को नई दिशा दे सकता है। पदोन्नति, नई जिम्मेदारियां और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।
वृश्चिक: नवें भाव का सूर्य भाग्य का भरपूर साथ देगा। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि पिता या गुरु से वैचारिक मतभेद की स्थिति बन सकती है।
धनु: आठवें भाव का सूर्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। कार्यस्थल पर विवाद और गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मकर: सातवें भाव का सूर्य दांपत्य जीवन में अहंकार के कारण तनाव पैदा कर सकता है। साझेदारी के व्यवसाय में सोच-समझकर निर्णय लेना लाभकारी रहेगा।
कुंभ: छठे भाव का सूर्य शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे तथा कानूनी मामलों में सफलता मिलने की संभावना है।
मीन: पांचवें भाव में सूर्य विद्यार्थियों के लिए अधिक मेहनत का संकेत दे रहा है। संतान की शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
ज्योतिषाचार्य की सलाह
ज्योतिषाचार्य दुर्गा नंदन पंडित श्रीधर पांडेय दास के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपनी जन्मकुंडली के आधार पर सूर्य गोचर का सटीक प्रभाव, शुभ-अशुभ फल, विशेष उपाय, मंत्र जाप या दान संबंधी जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तो वह अपनी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान उपलब्ध कराकर व्यक्तिगत परामर्श ले सकता है।
