महिला सशक्तिकरण को बताया मुख्य उद्देश्य, आत्मनिर्भर बनें बेटियां*
उत्तराखंड,गदरपुर। सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई द्वारा वार्ड नंबर 10 के अलावा अन्य क्षेत्रों में चलाए जा रहे निःशुल्क त्रैमासिक सिलाई प्रशिक्षण कैंप का समापन समारोह बड़े उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोरा ने प्रशिक्षित बालिकाओं को उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई द्वारा पिछले कई वर्षों से समाज के कमजोर वर्ग की बालिकाओं और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहा है। इसी कड़ी में गदरपुर इकाई द्वारा लगभग तीन माह तक चलने वाला सिलाई प्रशिक्षण कैंप लगाया गया था। इस कैंप में क्षेत्र की बड़ी संख्या में बालिकाओं और महिलाओं ने भाग लेकर सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि शिल्पी अरोरा ने कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी बालिकाओं को उपहार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे समाज का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सिलाई जैसे हुनर से महिलाएं घर बैठे रोजगार शुरू कर सकती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। शिल्पी अरोरा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना किसी भी समाज और देश का विकास संभव नहीं है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बेटियों के भविष्य को नई दिशा देते हैं। उन्होंने सिख मिशनरी कॉलेज की गदरपुर इकाई की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। कार्यक्रम के आयोजक देवेन्द्र सिंह ने बताया कि सिख मिशनरी कॉलेज का मुख्य उद्देश्य समाज में शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में पिछड़े लोगों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि सिलाई कैंप में अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा बालिकाओं को बेसिक से एडवांस तक सिलाई-कटाई, डिजाइनिंग और मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। कैंप के दौरान बालिकाओं ने सूट, सलवार,कुर्ती और बच्चों के कपड़े बनाना भी सीखा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं ने बताया कि तीन माह के इस कैंप में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। पहले वे मशीन चलाने से डरती थीं, लेकिन अब वे आसानी से कपड़े सिल सकती हैं। बालिकाओं ने आयोजकों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे कैंप समय-समय पर लगते रहने चाहिए। समापन समारोह में मुख्य अतिथि शिल्पी अरोरा के साथ आयोजक देवेन्द्र सिंह, सोनाली गाबा, किशन गुप्ता, कैंप के प्रशिक्षक, प्रशिक्षित बालिकाएं और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने बालिकाओं के बनाए हुए वस्त्रों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और उनकी मेहनत की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि सिख मिशनरी कॉलेज आगे भी गदरपुर क्षेत्र में शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम चलाता रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
