EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

देशहित में अराजकता से दूर रहिए, किसी का मोहरा मत बनिए और जोश के साथ हमेशा होश भी रखिए
  • 151170853 - NAND KISHOR SHARMA 54 65
    12 Jul 2026 18:36 PM



मेरठ की हालिया घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना ने देश के युवाओं के नाम एक भावुक और जिम्मेदार संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी शक्ति उसका युवा वर्ग है, इसलिए किसी के उकसावे या राजनीतिक स्वार्थ का शिकार बनने के बजाय संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास रखते हुए न्याय की लड़ाई लड़नी चाहिए। राजेश खुराना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी पीड़ित को न्याय सड़क पर हिंसा, तोड़फोड़, हंगामे या अराजकता से नहीं मिलता। ऐसे अराजक आंदोलनों का सबसे बड़ा खामियाजा गरीब, मजदूर, दलित और वंचित समाज के युवाओं तथा उनके परिवारों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने सीमित राजनीतिक हितों के लिए युवाओं की भावनाओं को भड़काकर उन्हें कानून के टकराव की ओर धकेल देते हैं, जबकि उसका राजनीतिक लाभ कोई और उठा लेता है। हमेशा देश विरोधी व संबिधान विरोधी राजनीति में ग़रीब मजदूर दलित वर्ग ही पिसता हैं। उन्होंने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा, "देशहित में अराजकता से दूर रहिए, किसी का मोहरा मत बनिए और जोश के साथ हमेशा होश भी रखिए। लोकतंत्र में अन्याय के विरुद्ध संघर्ष आवश्यक है, लेकिन वह भारतीय संविधान और कानून की मर्यादाओं के भीतर ही होना चाहिए।

 राजेश खुराना ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार देता है और न्यायपालिका ही लोकतंत्र की सबसे सशक्त संस्था है। उन्होंने युवाओं से जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय सहित सभी वैधानिक एवं संवैधानिक उपायों का सहारा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि कानून को हाथ में लेने से न तो न्याय मिलता है और न ही समाज का हित होता है।

 उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी गंभीर मामले में शीघ्र न्याय की आवश्यकता हो तो सरकारें फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को गति दे सकती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार, अपमानजनक भाषा या अनुचित आचरण के आरोप तथ्यात्मक रूप से सही पाए जाते हैं तो उसके विरुद्ध निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए, जिससे जनता का कानून और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।

उन्होंने उन लोगों से भी संवेदनशीलता बरतने की अपील की जो ऐसे मामलों पर असंवेदनशील या आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह सोचकर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए कि समाज की हर बेटी और बहन की गरिमा एवं सुरक्षा सर्वोपरि है।

अपने संदेश के समापन पर राजेश खुराना ने देश के युवाओं से पुनः आह्वान करते हुए कहा, भावनाओं में बहकर अपना भविष्य दांव पर न लगाएं। संविधान पर विश्वास रखें, कानून का सम्मान करें, अनुभवी मार्गदर्शकों की सीख अपनाएं और देशहित को सर्वोपरि रखते हुए शांति, संयम तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ न्याय की लड़ाई लड़ें। यही सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत का मार्ग है। रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853



Subscriber

188789

No. of Visitors

FastMail

वाराणसी - दिल्ली में खराब मौसम का असर, सुरक्षा कारणों से दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट     वाराणसी - पांच हजार करोड़ से काशी बनेगा सिटी इकोनॉमिक रीजन, कैंट से बाबतपुर तक होगा रोपवे का विस्तार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ धाम से मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को भेजा गया उपहार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ मंदिर की पहली गंगा आरती छह बजे होगी शुरू, 45 मिनट चलेगी; ललिता घाट पर निहारेंगे लोग     चंदौली - गुब्बारे में हवा भरने वाले गैस सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट, दो घायल     चंदौली - निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना