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- सिपचोली में बदहाल सरकारी स्कूल, अभिभावकों ने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजा
- स्कूल भवन खंडहर बना, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
- शिक्षा विभाग की अनदेखी, एक कमरे में चल रही सरकारी स्कूल की कक्षाएं
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बानमोर क्षेत्र के जखोदा ग्राम पंचायत अंतर्गत सिपचोली गांव में सरकारी प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत बच्चों की शिक्षा पर भारी पड़ रही है। स्कूल भवन पिछले करीब दस वर्षों से खंडहर बना हुआ है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पंचायत भवन के एक कमरे में कराई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल भवन लंबे समय से टूटा-फूटा पड़ा है। भवन की मरम्मत नहीं होने के कारण बच्चों की कक्षाएं पंचायत भवन के एक कमरे में संचालित की जा रही हैं, जहां न तो पर्याप्त जगह है और न ही पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अभिभावकों का कहना है कि अव्यवस्थाओं के चलते वे अपने बच्चों को गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर बानमोर के निजी विद्यालयों में पढ़ाने को मजबूर हैं। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
जखोदा ग्राम पंचायत की महिला सरपंच ने बताया कि स्कूल भवन की जर्जर स्थिति से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक भवन की मरम्मत या नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह थी शिव शंकर शिवहरे की रिपोट
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