यूपी के मऊ के रतनपुरा क्षेत्र स्थित विलौझा बड़ागांव में एक सामाजिक बदलाव की मिसाल देखने को मिली। यहां स्वर्गीय श्रीमती कैलाशी देवी की स्मृति में पारंपरिक मृत्यु भोज का बहिष्कार करते हुए बौद्ध धर्म की रीति-नीति के अनुसार श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गौतम बुद्ध और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को याद किया। सभा के दौरान बौद्ध वंदना, त्रिशरण पंचशील तथा प्रेरणादायक गीतों और भजनों का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि समाज में फैली फिजूलखर्ची और मृत्यु भोज जैसी परंपराओं से दूर रहकर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों को अपनाना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजसेवी और बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए सामाजिक सुधार और समानता का संदेश दिया। देखे चन्दन कुमार की रिपोट

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