पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा, भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
हवन, महाआरती और विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ श्री विष्णु महायज्ञ, भक्तिमय माहौल में उमड़ा जनसैलाब
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी लालगंज, प्रतापगढ़। राहाटीकर के समीप रामपुर कसिहा स्थित श्री सांई धाम मंदिर में आयोजित श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का गुरुवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धापूर्वक समापन हो गया। समापन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति अर्पित कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। उदासीन संप्रदाय, हिमाचल प्रदेश से पधारे कथाव्यास स्वामी निर्वाण कर्णदास जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि संस्कारवान समाज की नींव धार्मिक एवं पवित्र पारिवारिक वातावरण से पड़ती है। जब परिवार में धर्म, सदाचार, सेवा और नैतिक मूल्यों का पालन होता है, तभी नई पीढ़ी चरित्रवान, संस्कारित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित बनती है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु एवं भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार मानवता को सत्य, धर्म, करुणा, सेवा और लोककल्याण का संदेश देते हैं। निष्काम भक्ति, शुद्ध आचरण और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास ही मानव जीवन की सबसे बड़ी साधना है। कथावाचक शम्भूनाथ योगी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए भगवान के विभिन्न अवतारों की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को प्रेम, त्याग, सेवा, सदाचार और ईश्वर भक्ति का मार्ग दिखाती है। उनके ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल जयकारों से गूंजता रहा। आयोजन संयोजक समाजसेवी संजय ने विधि-विधान से मंडप पूजन एवं पूर्णाहुति संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, संस्कार, सद्भाव, आध्यात्मिक मूल्यों और सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। पूर्णाहुति के बाद भव्य महाआरती संपन्न हुई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान की आराधना की। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज़ से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में मंदिर समिति, क्षेत्रीय श्रद्धालुओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय योगदान दिया, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से संपन्न हुआ। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
