फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया हिमाचल प्रदेश शिमला। आशा कार्यकर्ता संघ सम्बन्ध बीएमएस की रोहडू टिक्कर जुब्बल कोटखाई चड़गांव ब्लाक की आशा बहिनों ने रोहडू में एकत्रित हो कर पहले बैठक आयोजित की तथा फिर धरना प्रर्दशन कर अपनी माँगों को लेकर एसडीएम महोदय रोहडू के माध्यम से प्रधानमन्त्री केन्द्रीय स्वास्थय मन्त्री एवं हि० प्र० के मुख्यमन्त्री को ज्ञापन दिया। भारी बर्षा के वावजूद सैकड़ों आशा वर्करज ने नारेवाजी की व रैली की कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा कार्यकर्ता संघ जिला शिमला की प्रधान पुष्पा मान्टा ने की । जबकी संघ की प्रदेश सचिव विजय लक्ष्मी,टिक्कर खण्ड की प्रधान अनिता शर्मा ,जिला प्रधान शिमला सुन्दर बाला,ने भी आशा बहिनों की माँगों को बैठक में रखा ।
इस अवसर पर विशेष सहयोग करने के लिए राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उतरी क्षेत्र प्रभारी विपन डोगरा, हि० प्र० राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संगठन मन्त्री बृज लाल जी को विशेष अतिथि के रुप में आमन्त्रित किया। कार्यक्रम कि जानकारी देते हुए पुष्पा मान्टा व विजय लक्ष्मी ने बताया कि उनकी मुख्य माँगों में उन्हे न्यूनतम वेतन मंहगाई सुचकांक के अनुसार देने व उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित करना शामिल है । उन्होने बताया कि वे 2007 से आशा बहिनें घर घर जाकर टिका करण, मातृ व शिशु स्वास्थय सेवाओं, परिवार कल्याण कार्यक्रमों तथा विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। लेकिन उनके वेतन सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य लम्बित माँगों पर सरकारें कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही हैं। उनके कार्य का बोझ लगातार बढाया जा रहा है।
लेकिन 2017 के बाद केन्द्र सरकार ने उनके मानदेय में कोई बृद्धि नहीं की है। अभी भी न तो समय से मानदेय व अन्य देय नहीं मिलते है न ही उन्हे उचित अवकाश। आन लाईन र्काय अधिक होने पर पुराने टेब कार्य नहीं कर पाते इन्हे बदलने की आवश्यकता है। इसके साथ मोबाईल भत्ता देने इंसेटिव में कटौती रद्व कर समय से भुगतान करने, संघ ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जी से माँग कि है कि आशा वर्करज की न्यायोचित माँगों को शीघ्र पूर्ण किया जाये । तब ही सरकार का महिला सशक्तिकरण का दावा पूर्ण होगा। उन्होने गत वर्ष दिल्ली के जन्तर मन्तर में दिये धरने के बाद स्वास्थय मन्त्री द्वारा दिये आश्वासनों को भी पूर्ण करने की माँग की है ।
संघ ने प्रदेश सरकार व मुख्य मन्त्री महोदय से भी प्रदेश स्तरीय समस्याओं के समाधान की माँग कि है। अपने सम्वोधन में विपन डोगरा ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की माँगे जायज है तथा सभी संगठन उनका सर्मथन व सहयोग करते हैं। सरकारों ने समय रहते उनकी माँगें पूर्ण न की तो राष्ट्र व्यापी संर्घष होगा। जिसकी पूर्ण जिम्मेवार सरकार की होगी। सरकार का स्वास्थय ढांचा तव है सशक्त होगा यदि कार्यरत कर्मचारीयों के रिक्त पद भरे जायेंगे ।आशा कार्यकर्ताओं से काम तो बढाया जा रहा है । महिला व पुरुष हैल्थ वर्करज कें रिक्त पदों के कारण आशा वर्करज से अधिकांश कार्य लिया जा रहा है I लेकिन वेतन व अन्य सुविधायें नहीं दी जा रही है। यदि आशा वरकर्ज को निति बना कर उचित वेतन व नियामितिकरण का भविष्य में लाभ मिलता है तो वे और अधिक मेहनत व रुचि लेकर कार्य करेंगी। जिससे स्वास्थय ढांचा अधिक मजबूत होगा I प्रदीप 151109037
