फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद की उद्यमी निशा परवीन ने उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का लाभ उठाकर न केवल अपना स्वयं का उद्योग स्थापित किया, बल्कि हजारों महिलाओं के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अनेक युवाओं और महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रतापगढ़ जनपद निवासी निशा परवीन पत्नी अजहर हुसैन लंबे समय से स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने का सपना देख रही थीं। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण यह सपना पूरा होता नहीं दिख रहा था। तभी उन्हें मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के अंतर्गत आवेदन किया और उनका 10 लाख रुपये लागत का सैनिटरी नैपकिन निर्माण परियोजना स्वीकृत हो गई। इस परियोजना के लिए पंजाब नेशनल बैंक रमईपुर दिसनी प्रतापगढ़ द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। सरकारी सहयोग मिलने के बाद निशा परवीन ने आधुनिक तकनीक से युक्त सैनिटरी नैपकिन निर्माण इकाई की स्थापना पृथ्वीगंज बाजार पट्टी में की। आज उनकी इकाई में महिलाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं किफायती सैनिटरी नैपकिन का निर्माण और विक्रय किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उचित मूल्य पर स्वच्छता संबंधी उत्पाद उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी लगातार बढ़ रही है। इस उद्योग की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सामाजिक परिवर्तन की एक नई शुरुआत हुई है। आज इस पहल से लगभग 1500 महिलाएं प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। कई महिलाओं को नियमित रोजगार मिला है, जबकि अनेक महिलाएं वितरण, विपणन और जागरूकता अभियान के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। निशा परवीन स्वयं भी आज एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सरकारी योजनाओं का सही समय पर सही तरीके से लाभ उठाया जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है। उनका यह प्रयास आज जनपद की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। अनेक लोग उनके कार्य से प्रेरित होकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। सैनिटरी नैपकिन निर्माण के साथ-साथ उनकी संस्था गांव-गांव और गली-गली जाकर महिलाओं एवं किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और स्वच्छ जीवनशैली के प्रति भी जागरूक कर रही है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ी है और महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर चर्चा का सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के माध्यम से अनेक युवाओं और महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे प्रदेश आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। आज निशा परवीन की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। सरकारी सहयोग, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम के बल पर उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का माध्यम बनकर समाज में नई उम्मीद जगाई है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
