फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से उत्तरदायित्व और पुलिसिया बर्बरता का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नदरई गेट पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चित्रगुप्त कॉलोनी में एक कांस्टेबल द्वारा मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक नागरिक के घर में घुसकर मारपीट करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से पुलिस प्रशासन बैकफुट पर है।
आधी रात को घर में घुसकर की बदसलूकी
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना 6 जुलाई 2026 की रात करीब 11:00 बजे की है। चित्रगुप्त कॉलोनी की गली नंबर 5 के निवासी अर्जुन (पुत्र तेज सिंह) अपने घर पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान नदरई गेट चौकी पर तैनात कांस्टेबल मुकुल चौधरी अचानक पीड़ित के घर में दाखिल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, कांस्टेबल ने बिना किसी ठोस कानूनी वारंट या न्यायसंगत कारण के पीड़ित अर्जुन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिए।
खाकी वर्दी के रौब में की गई इस मारपीट से पीड़ित का परिवार सहम गया। घर की दहलीज के भीतर हुई इस गुंडागर्दी ने स्थानीय नागरिकों को भी झकझोर कर रख दिया है।
इस पूरी बर्बरता का वहां सीसीटीवी कैमरे में वीडियो रिकार्ड हो गया , जो अब विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय जनता में कासगंज पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन और 'खाकी की गुंडागर्दी' करार दिया है।
लगातार उठ रहे हैं गंभीर सवाल
* एक जिम्मेदार पद पर तैनात कांस्टेबल को आधी रात को किसी नागरिक के घर में घुसकर कानून हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया?*
* यदि पीड़ित का कोई विवाद था भी, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मारपीट का रास्ता क्यों चुना गया?*
*इस घटना ने 'मित्र पुलिस' के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं।*
*उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग*
इस घटनाक्रम के बाद कासगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर चौतरफा उंगलियां उठ रही हैं। मामले की गंभीरता और सोशल मीडिया पर बढ़ते जन दबाव को देखते हुए जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। । रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
