नैतिक जीवन के लिए संस्कार की समृद्धि है आवश्यक- स्वामी कर्णदास जी
यूपी प्रतापगढ़। राहाटीकर के समीप रामपुर कसिहा स्थित श्री सांई धाम मंदिर में हो रहे श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमदभागवत महापुराण कथा में सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी दिखी। कथाव्यास उदासीन हिमांचल प्रदेश से पधारे स्वामी निर्वाण कर्णदास जी महराज ने कहा कि जीवन में संस्कार की समृद्धि के लिए वातावरण का सुचितापूर्ण होना आवश्यक है। उन्होने कहा कि घर एवं परिवार के वातावरण संस्कारित एवं धार्मिक होने से पीढ़ी को सकारात्मक ऊर्जा मिला करती है। उन्होने कहा कि भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण ने जगत के कल्याण के लिए मनुष्य को नैतिक जीवन पर आगे बढ़ने की अपने अवतार में सकारात्मक प्रेरणा दी है। स्वामी निर्वाण कर्णदास जी ने कहा कि धर्म और उपासना का मंगलफल सदैव सुचितापूर्ण आराधना में निहित है। संचालन करते हुए कथावाचक शम्भूनाथ योगी जी महराज द्वारा भी भगवान के विविध अवतारों की महिमा का बखान किया गया। संयोजक समाजसेवी संजय ने मण्डप पूजन किया। इस मौके पर गंगापाल सिंह तोमर, जय सिंह, जगदीश नारायण मिश्र, डा0 अशोक सिंह, महेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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