EPaper Join LogIn
एक बार क्लिक कर पोर्टल को Subscribe करें खबर पढ़े या अपलोड करें हर खबर पर इनकम पाये।

गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने सुनाई पंचकेदार की महिमा, शिव भक्ति और गौसेवा का दिया संदेश
  • 151170853 - NAND KISHOR SHARMA 0 0
    05 Jul 2026 18:57 PM



आगरा। ब्रज धाम में एक साधारण परिवार में जन्मे गौ पुत्र धर्म दास महाराज पिछले कई वर्षों से अपना संपूर्ण जीवन गौ माता की सेवा एवं संरक्षण को समर्पित किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि 38 वर्ष की आयु में उन्होंने गौसेवा का संकल्प लिया और तब से निरंतर गौ माता की रक्षा एवं सेवा में जुटे हैं। इस अवसर पर धर्म दास महाराज ने द्वापर युग के अंत और कलयुग के प्रारंभ से जुड़ी भगवान शिव एवं पांडवों की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए पंचकेदार की महिमा का वर्णन किया।

पांडवों की तपस्या से प्रकट हुए पंचकेदार

उन्होंने बताया कि महाभारत युद्ध के बाद अपने परिजनों और गुरुओं के वध से व्यथित पांडव भगवान शिव से क्षमा मांगने निकले। भगवान शिव उनसे रुष्ट होकर बैल (वृषभ) का रूप धारण कर हिमालय क्षेत्र में चले गए। पांडवों के खोजने पर भीम ने बैल को पकड़ने का प्रयास किया, तभी भगवान शिव भूमि में समाने लगे। भीम ने बैल की कूबड़ पकड़ ली। पांडवों की अटूट श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान शिव अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट हुए और उन्हें पापमुक्त किया।

इन पांच स्थानों पर प्रकट हुए शिव

धर्म दास महाराज ने बताया कि भगवान शिव के बैल रूप के विभिन्न अंग पांच स्थानों पर प्रकट हुए, जिन्हें आज पंचकेदार के नाम से जाना जाता है—

  • केदारनाथ – बैल की कूबड़ (पीठ) की पूजा होती है।
  • तुंगनाथ – विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर।
  • रुद्रनाथ – भगवान शिव के मुख स्वरूप के दर्शन।
  • मध्यमहेश्वर – शिव के मध्य भाग की पूजा।
  • कल्पेश्वर – भगवान शिव की जटाओं की पूजा, यह मंदिर वर्षभर खुला रहता है।

उन्होंने बताया कि बैल का मुख नेपाल के काठमांडू में प्रकट हुआ, जहां आज प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर स्थित है। केदारनाथ और पशुपतिनाथ को भगवान शिव के एक ही दिव्य स्वरूप का हिस्सा माना जाता है।

पंचकेदार यात्रा का विशेष महत्व

धर्म दास महाराज ने कहा कि मान्यता है कि केदारनाथ सहित पंचकेदार की यात्रा करने से पितरों को तृप्ति मिलती है तथा भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से गौसेवा, सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का भी आह्वान किया। रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853



Subscriber

188784

No. of Visitors

FastMail

वाराणसी - दिल्ली में खराब मौसम का असर, सुरक्षा कारणों से दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट     वाराणसी - पांच हजार करोड़ से काशी बनेगा सिटी इकोनॉमिक रीजन, कैंट से बाबतपुर तक होगा रोपवे का विस्तार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ धाम से मुखनिर्मालिका गौरी और मां विशालाक्षी शक्तिपीठ को भेजा गया उपहार     वाराणसी - काशी विश्वनाथ मंदिर की पहली गंगा आरती छह बजे होगी शुरू, 45 मिनट चलेगी; ललिता घाट पर निहारेंगे लोग     चंदौली - गुब्बारे में हवा भरने वाले गैस सिलिंडर में हुआ ब्लास्ट, दो घायल     चंदौली - निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरा, गुणवत्ता पर उठे सवाल, सपा सांसद का धरना