फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी कासगंज l जनपद में स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे अवैध रूप से संचालित अस्पतालों का जाल फैलता जा रहा है। मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे ये अस्पताल किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन साधे बैठा है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मिशन चौराहा स्थित सुमन्त कुमार इंटर कॉलेज वाली गली में जितने भी निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं, उनमें से अधिकांश बिना किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ के चल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन अस्पतालों में तैनात स्टाफ भी पूरी तरह से अप्रशिक्षित है। बिना किसी अनुभव और डिग्री के ये लोग मरीजों के जीवन के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं।
नदरई में दुकान के बेसमेंट में चल रहा बिना नाम का महिला अस्पताल
अवैध स्वास्थ्य केंद्रों का एक और गंभीर मामला नदरई में हजारा नहर से पहले मथुरा रोड की तरफ सामने आया है। यहाँ एक दुकान के अंडरग्राउंड (बेसमेंट) में बिना किसी नाम-बोर्ड के एक महिला अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।वहीं विलराम गेट पर राधारानी हॉस्पिटल भी इसी तरह से संचालित है l गोपनीय तरीके से चल रहे इस अस्पताल में महिलाओं के स्वास्थ्य और प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों से जुड़ी सेवाएं दी जा रही हैं, जो अत्यंत जोखिम भरा है।इन मामलों के सामने आने के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
क्या शासन और प्रशासन इन अवैध गतिविधियों को देखकर भी जानबूझकर अनदेखा कर रहा है?क्या 'सुविधा शुल्क' (रिश्वत) के खेल के कारण जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से आँखें मूंदे बैठे हैं?
आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? यदि समय रहते इन अवैध रूप से संचालित कसाइखानों और फर्जी अस्पतालों पर नकेल नहीं कसी गई, तो किसी भी दिन कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
जनता ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से तत्काल छापेमारी कर इन फर्जी अस्पतालों को सील करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। रिपोर्ट संजय सिंह 151110069
