उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सोमवार देर रात उस समय पुलिस महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया, जब पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) गोरखपुर के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर गोरखनाथ मंदिर और प्रदेश के मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की आत्मघाती धमकी दे डाली। वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई और सर्विलांस की मदद से धमकी देने वाले की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई।
मोबाइल लोकेशन से भोर में दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर इंस्पेक्टर नीरज राय के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जिससे धमकी भरा फोन आया था। मोबाइल की लोकेशन कुशीनगर जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र में मिली। इसके बाद गोरखपुर पुलिस और पटहेरवा थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार तड़के करीब तीन बजे लक्षित स्थान पर छापेमारी की। पुलिस ने पटहेरवा क्षेत्र के बलुआ तकिया गांव निवासी 15 वर्षीय किशोर अंशु खरवार को उसके घर से हिरासत में ले लिया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ और नशे का आदी निकला किशोर
पकड़े गए किशोर से जब पुलिस अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया। जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि धमकी भरा फोन करने वाला किशोर मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ है।
कॉल करने वाला किशोर मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के साथ-साथ नशे का भी आदी है। उसने नशे की हालत में ही सोमवार रात करीब 12 बजे इस कृत्य को अंजाम दिया था। -एस. चनप्पा, डीआईजी, गोरखपुर
पूछताछ के बाद पुलिस ने ली राहत की सांस
स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने और किशोर की मानसिक स्थिति को देखते हुए, पुलिस ने करीब एक घंटे की गहन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया। धमकी भरे फोन के पीछे किसी आतंकी या आपराधिक साजिश के न होने की पुष्टि के बाद पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मुख्यमंत्री और गोरखनाथ मंदिर की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता पहले से और अधिक बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
