प्रतिभागियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
वाराणसी । आवर्तन संगीत संस्था एवं महिला मंडल काशी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित “लोक की अविरल धारा – कजरी कार्यशाला” का आज गरिमामय एवं सफल समापन हुआ। सात दिवसीय इस कार्यशाला के अंतिम दिवस प्रतिभागियों ने अपने अभ्यास एवं अर्जित ज्ञान का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कजरी की विविध शैलियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।
समापन समारोह में प्रतिभागियों को पपीहा, कोयल एवं मोर तीन समूहों में विभाजित कर मंच प्रस्तुतियाँ कराई गईं। तीनों समूहों ने अपनी मधुर गायकी, भावपूर्ण अभिव्यक्ति एवं ताल-लय की उत्कृष्ट समझ से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. आभा श्रीवास्तव रहीं। उन्होंने कार्यशाला की संकल्पना, आयोजन एवं प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक-संगीत परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से डॉ. श्यामा जी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह, अनुशासन एवं संगीत के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए लोक-संगीत के संरक्षण के लिए इस प्रकार के प्रयासों को अत्यंत सराहनीय बताया।
कार्यशाला की प्रशिक्षिका विदुषी सुचरिता गुप्ता ने प्रतिभागियों को कजरी की विभिन्न शैलियों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि कजरी केवल एक लोकगीत नहीं, बल्कि पूर्वांचल की सांस्कृतिक आत्मा है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी का दायित्व है।
महिला मंडल काशी की अध्यक्ष श्रीमती मंजु अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय लोक-संस्कृति एवं संगीत हमारी अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
महिला मंडल काशी की संयोजिका डॉ. रूबी ने कार्यशाला के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का स्वागत करते हुए कहा कि संगीत समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजन सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।
इस अवसर पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में हारमोनियम पर वैभव जी, बाँसुरी पर प्रांजल सिंह जी, ढोलक पर सनी जी तथा तबला पर शिवानंद शर्मा जी ने अपनी उत्कृष्ट संगत से कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक एवं प्रभावपूर्ण बनाया।
समापन अवसर पर आवर्तन संगीत संस्था की अध्यक्ष मंजु अग्रवाल, सचिव पूनम अग्रवाल, महिला मंडल काशी की संयोजिका डॉ. रूबी तथा आवर्तन सचिव एवं प्रशिक्षिका विदुषी सुचरिता गुप्ता ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया गया कि आवर्तन संगीत संस्था एवं महिला मंडल काशी द्वारा लोक संगीत एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन हेतु ऐसे सार्थक आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे ।। रविन्द्र गुप्ता
