गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी में मंगलवार सुबह टावर एम-1 के समीप बैडमिंटन कोर्ट के पास तीन लोहे के पिलर (बोलार्ड) लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि सोसायटी के एक निवासी के कहने पर आरडब्ल्यूए के एक पदाधिकारी द्वारा यह पिलर लगवाए गए, जिससे पहले से संकरा रास्ता और संकरा हो गया। इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के दर्जनों निवासी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इसका कड़ा विरोध जताया।
निवासियों का कहना है कि जिस स्थान पर तीन पिलर लगाए गए हैं, वहां पहले से ही वाहनों के निकलने के लिए बहुत कम जगह है। यदि आसपास के किसी फ्लैट में आग लग जाती है तो फायर ब्रिगेड का वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाएगा। उनका कहना है कि यह कार्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किया गया है और इससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है।
निवासियों ने यह भी बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही एसपी-2 टावर के एक फ्लैट में आग लगने की घटना हुई थी। उस दौरान फायर ब्रिगेड के वाहन को सोसायटी के भीतर पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार रास्तों पर अतिक्रमण कर पिलर लगाए जाते रहे, तो भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है और इससे बड़ी जनहानि होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सोसायटी निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि उन्होंने मॉर्निंग वॉक कर रहे आरडब्ल्यूए सचिव ए.के. दोहरे एवं पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र गिरी को रोककर मौके पर बुलाया और पिलर लगाने की जानकारी दी। दोनों ने इस कार्य से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि यह उनके निर्देश पर नहीं कराया गया है।
दिनेश सिंह के अनुसार, जब उन्होंने मौके पर कार्य कर रहे कर्मचारियों से पूछा कि यह पिलर किसके कहने पर लगाए जा रहे हैं, तो कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें यह कार्य आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी के निर्देश पर कराया जा रहा है।
वहीं, कार्यकारिणी सदस्य रश्मि चौधरी एवं एडवोकेट राज किशोर शर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बिना कार्यकारिणी की जानकारी के यह कार्य कराया गया है तो यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संबंध में जानकारी लेकर जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब मांगा जाएगा।
उधर, सोसायटी निवासी गौरव बंसल ने जब आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी से फोन पर बात की तो उन्होंने कथित रूप से बताया कि यह कार्य कोषाध्यक्ष किंशुक बंसल के कहने पर कराया गया है।
घटना के बाद सोसायटी में इस मुद्दे को लेकर रोष व्याप्त है। निवासियों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े मामले में बिना आम सहमति और तकनीकी परीक्षण के इस प्रकार रास्ते में तीन पिलर लगाना उचित नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए निवासियों ने जिलाधिकारी गाजियाबाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी (फायर ऑफिसर) को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटाने तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
निवासियों का कहना है कि यदि भविष्य में इस मार्ग के अवरुद्ध होने के कारण किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए तथा कथित रूप से अतिक्रमण करवाने वाले संबंधित निवासी की होगी।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
