जनपद गाजियाबाद में पशुपालन के क्षेत्र में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘पशु मैत्री’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पहली बार महिलाओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता प्रदान की जा रही है, जिससे वे प्रशिक्षण प्राप्त कर पशु स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें।
वर्तमान में जनपद के 102 प्रशिक्षित पशु मैत्री ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को सेवाएं प्रदान कर सफलतापूर्वक अपनी जीविका चला रहे हैं। अब महिलाओं को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद चयनित अभ्यर्थी पशु चिकित्सा अधिकारियों के मार्गदर्शन एवं निगरानी में कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण तथा अन्य पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। सरकार द्वारा निर्धारित योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, जबकि अन्य सेवाओं का निर्धारित मेहनताना पशुपालकों द्वारा दिया जाएगा। इस योजना के लिए इच्छुक अभ्यर्थी का जीव विज्ञान विषय के साथ इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना आवश्यक है। महिला एवं पुरुष दोनों आवेदन कर सकते हैं, किन्तु महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। आवेदक का गाजियाबाद जनपद की निर्धारित न्याय पंचायतों एवं क्षेत्रों का निवासी होना भी अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 जून 2026 की रात्रि 12 बजे तक पोर्टल http://maitriupldb.in पर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए हाईस्कूल (विज्ञान), इंटरमीडिएट (जीव विज्ञान), मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड तथा नवीनतम फोटो आवश्यक होंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एस.पी. पाण्डेय ने पात्र अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन कर इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन सेवाओं को भी अधिक प्रभावी और सुलभ बनाएगी। यदि चाहें, मैं इसे फ्रंट पेज की लीड न्यूज़ की शैली में और भी अधिक प्रभावशाली एवं आकर्षक बना सकता हूँ। रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
