फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद क्षेत्र में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीच-बीच में हो रही बारिश और तेज धूप के कारण मक्के की फसल में नमी बनी हुई है। फसल को खराब होने से बचाने के लिए किसान अब खेतों से मक्का निकालकर क्षेत्र की कई सड़कों और संपर्क मार्गों के किनारे सुखाने को मजबूर हैं। इससे एक ओर किसानों को फसल बचाने की उम्मीद है तो दूसरी ओर सड़कों पर आवागमन करने वाले लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्रामीण संपर्क मार्गों पर इन दिनों सड़क किनारे मक्के की फसल फैली दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर किसानों ने सड़क की पटरी के साथ-साथ सड़क के हिस्से तक मक्का फैला रखा है। धूप निकलते ही किसान फसल को पलटते नजर आते हैं, जबकि शाम होने पर उसे समेट लेते हैं।
किसानों का कहना है कि इस बार बारिश के कारण मक्के की फसल में अधिक नमी आ गई है। यदि समय पर इसे नहीं सुखाया गया तो दानों में फफूंद लगने, रंग खराब होने और बाजार में कम कीमत मिलने का खतरा है। मजबूरी में उन्हें खुले स्थान के अभाव में सड़क किनारे ही फसल सुखानी पड़ रही है।
वहीं, सड़कों पर फैले मक्के के कारण दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दानों पर वाहन फिसलने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाने पर संतुलन खो बैठते हैं। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर खरीफ फसलों पर साफ दिखाई दे रहा है। यदि आगामी दिनों में फिर बारिश होती है तो मक्का समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार फसल का भंडारण और सुखाने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
बदलते मौसम से बढ़ रहे मौसमी रोग इसलिए तेज धूप, उमस और रुक-रुककर हो रही बारिश का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार, वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने लोगों को साफ पानी पीने, बासी भोजन से परहेज करने और मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने की सलाह दी है। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044 750
