फ़ास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत के बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पतारासा कुंवरपुर में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 569 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल क्षेत्र के विकास की नींव रखी, बल्कि वर्षों से संघर्ष कर रहे विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार भी प्रदान किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने पिछले 55-56 वर्षों से विस्थापित होकर रह रहे बंगाली हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों को ज़मीन के पट्टे और भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश से आए लगभग 2,500 परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि जो लोग दशकों पहले प्रताड़ना सहकर यहाँ आए थे, उन्हें अब प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत पुनर्वास और नागरिकता का अधिकार मिल रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रदेश में मौजूद 55 हज़ार से अधिक विस्थापित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से नागरिकता और भूमि अधिकार दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के लाभार्थियों को मंच से लाभान्वित किया पुष्पा देवी (स्व. विचित्र पाल सिंह की पत्नी) को मृतक आश्रित योजना के तहत 38 लाख रुपये का बीमा चेक सौंपा गया। सोनी देवी को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपये और कमलेश गंगवार को नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 31.25 लाख रुपये का अनुदान चेक प्रदान किया गया।जिले के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड और सीआईएफ के अंतर्गत कुल 10 करोड़ 12 लाख 50 हज़ार रुपये की राशि का चेक दिया गया। अंशिका देवी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मीनू को कन्या सुमंगला योजना का लाभ मिला, जबकि प्रीति देवी और अरविंद को क्रमशः प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबियाँ सौंपी गईं। मुख्यमंत्री ने पीलीभीत को प्राकृतिक सौंदर्य, विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, जैव विविधता और भगवान कृष्ण की बांसुरी से जुड़ी पवित्र भूमि बताया। उन्होंने कहा कि "डबल इंजन सरकार" ने विकास के साथ-साथ प्रदेश की विरासत को भी संरक्षित किया है। उन्होंने 2017 के बाद की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि भू-माफियाओं को सरकारी और गौशाला की ज़मीन छोड़ने का स्पष्ट संदेश दिया गया था, जिसका परिणाम है कि आज माफिया कानून के सामने नतमस्तक हैं।
प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण, गंगा एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क नेटवर्क का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीलीभीत से शामली और गोरखपुर तक बनने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर व्यापार और रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा, जो पीलीभीत के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, जनपद के प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर, स्थानीय विधायकगण, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव सहित भाजपा के कई जनप्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान पीलीभीत -151173981

