जिले के विभिन्न थानों में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में एक बार फिर जमीन विवाद सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। अधिकांश थानों में राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की भरमार रही। फरियादियों ने आरोप लगाया कि सीमांकन, पैमाइश और बंटवारे के मामलों में महीनों से सिर्फ तारीखें मिल रही हैं।
कहीं राजस्व अधिकारी नहीं पहुंचे तो कहीं आदेश के बाद भी पैमाइश नहीं हुई। हालांकि कुछ थानों में मौके पर शिकायतों का निस्तारण भी किया गया।
छह बार थाना दिवस, फिर भी सिर्फ आश्वासन
रामगढ़ताल थाने में लहसड़ी निवासी अजीत कुमार ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर रिश्तेदार अवैध तरीके से बिक्री कर रहे हैं। लेखपाल की रिपोर्ट उनके पक्ष में होने के बावजूद एसएसपी से लेकर उपजिलाधिकारी तक से शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
वह लगातार छह थाना दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे लेकिन हर बार जांच और कार्रवाई का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। इस बार भी थाना प्रभारी सुनील कुमार राय और कानूनगो लालचंद ने केवल जांच कराने की बात कही।
इसी थाने में रामगढ़ झरवा की उमा देवी ने भी जमीन बंटवारे के मामले में राजस्व अधिकारियों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कई बार आवेदन के बावजूद सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है, विवाद का समाधान नहीं हो रहा।
खोराबार में फरियादियों का दर्द- आदेश हुए, पैमाइश नहीं
खोराबार थाना समाधान दिवस में कुल 14 शिकायतें आईं, जिनमें 12 मामले राजस्व विभाग से जुड़े थे। बिहार के सिवान निवासी संजय कुमार सुमन ने बताया कि वर्ष 2017 में खरीदी गई जमीन पर पड़ोसियों ने कब्जा कर लिया और उनकी बाउंड्री भी तोड़ दी। कई महीने से समाधान दिवस का चक्कर लगाने के बावजूद न्याय नहीं मिला
तालकंदला के ग्राम प्रधान जयसिंह ने सड़क की पैमाइश न होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लेखपाल और कानूनगो ने न केवल पैमाइश नहीं की बल्कि उन्हें लगातार टालते रहे। वहीं, केवटलिया निवासी सूरज निषाद ने बताया कि सीमांकन के लिए 18 फरवरी को आदेश जारी हो चुका है लेकिन महीनों बाद भी राजस्व विभाग मौके पर नहीं पहुंचा। समाधान दिवस अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
40 साल पुराने ट्रिपल मर्डर से जुड़ा विवाद फिर पहुंचा थाना दिवस
पीपीगंज थाना दिवस में भरवाल गांव की उस विवादित जमीन का मामला सामने आया, जहां लगभग 40 वर्ष पहले भूमि विवाद में तीन बच्चों की हत्या हुई थी। जेल से सजा काटकर लौटे आरोपियों और दूसरे पक्ष के बीच दोबारा तनाव की स्थिति बनने पर प्रशासन सतर्क दिखा।
दोनों पक्षों को अगले 15 दिनों तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या कब्जे की कोशिश न करने की सख्त चेतावनी दी गई। साथ ही अगले थाना दिवस पर सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि निष्पक्ष निर्णय लिया जा सके।
गगहा में राजस्व टीम गायब, एक भी शिकायत का समाधान नहीं
गगहा थाना दिवस में आठ शिकायतें आईं, जिनमें सात भूमि विवाद से जुड़ी थीं लेकिन राजस्व विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं रहा।
नतीजा यह रहा कि एक भी मामले का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। राउतपार की सरिता ने शिकायत की कि दबंग उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं और विरोध करने पर धमकियां दे रहे हैं। वहीं एक महिला ने पति के एक नृतकी के साथ घर छोड़कर चले जाने और ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ित कर घर से निकालने की शिकायत दर्ज कराई।
चौरीचौरा में तीन मामलों का मौके पर निस्तारण
थाना समाधान दिवस में कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से तीन मामलों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए
शाहपुर और कैंट थाने रहे शांत
शाहपुर और कैंट थानों में इस बार समाधान दिवस के दौरान कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। दोनों स्थानों पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी निर्धारित समय पर मौजूद रहे।
सवालों के घेरे में राजस्व व्यवस्था
जिले के अधिकांश थाना दिवस में एक समान तस्वीर सामने आई। फरियादी बार-बार सीमांकन, पैमाइश, बंटवारे और कब्जे की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं लेकिन राजस्व विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के कारण विवाद लगातार लंबित हैं। कहीं अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो कहीं आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में थाना समाधान दिवस का उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा और लोगों का भरोसा लगातार कमजोर पड़ रहा है रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
