भू-माफियाओं के आगे नतमस्तक प्रशासन, अब आर-पार की लड़ाई के मूड में किसान
पीलीभीत। पूरनपुर तहसील प्रशासन की संवेदनहीनता और आश्वासन की घुट्टी से तंग आकर मुड़िया गांव के किसानों ने अब अपनी जमीन बचाने के लिए 'मरणव्रत' का रास्ता चुन लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले छह किसान शनिवार सुबह से तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। किसानों का आरोप है कि गांव मुड़िया में उनकी जमीनों पर दबंगों और भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस बाबत कई बार तहसील और राजस्व अधिकारियों के चौखट पर फरियाद लगाई गई, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले। बुधवार से चल रहा शांतिपूर्ण धरना जब प्रशासन को नहीं जगा सका, तो मजबूरन किसानों ने भूख हड़ताल का रुख अख्तियार कर लिया। कड़ाके की धूप और उमस के बीच अनशन पर बैठे लोगों में गीता देवी पत्नी जागनलाल सोमवती पत्नी रामकुमार, गीता देवी पत्नी राजेंद्र प्रसाद जगदेवी पत्नी बनवारी लाल, मिथिलेश शर्मा पत्नी मनोज शर्मा और शिवम कुमार पुत्र ठाकुर प्रसाद शामिल हैं। महिला किसानों के इस कठोर कदम से प्रशासनिक अमले में खलबली तो मची है, लेकिन अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी ठोस लिखित आश्वासन देने नहीं पहुंचा है। आंदोलनकारी किसानों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन मौके पर पहुंचकर जमीनों की सही पैमाइश नहीं करवाता और अवैध कब्जा नहीं हटवाता, तब तक यह अनशन किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होगा। प्रशासनिक उदासीनता के कारण किसान और यूनियन कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। रिपोर्ट जियाउल हक़ खान -151173981
