यूपी के जनपद प्रतापगढ़ थाना आसपुर देवसरा अंतर्गत सैफाबाद बाजार इमामे हसन व हुसैन की यादगार में ताजिए जुलूस निकाला गया इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने 'मोहर्रम' की 10 तारीख, जिसे 'आशूरा' कहा जाता है... इंसानी तारीख का वो दिन है, जिसे दुनिया कभी नहीं भुला सकती। यह कोई आम दिन नहीं, बल्कि हक और इंसाफ की खातिर दी गई उस अजीम कुर्बानी की याद दिलाता है, जिसने इंसानियत को जिंदा रखा।"आज के दिन आशूरा का यही पैगाम है कि हम बुराई के आगे न झुकें। इमाम हुसैन का ये बलिदान हमें सब्र, सच्चाई और इंसानियत की राह पर चलना सिखाता है। 10 मोहर्रम का दिन हमें याद दिलाता है कि जालिम कितना भी ताकतवर क्यों न हो, हक की जीत हमेशा होती है।"इस मुबारक दिन का मकसद सिर्फ मातम करना या आंसू बहाना नहीं, बल्कि इमाम हुसैन की दी हुई सीख को अपनी जिंदगी में उतारना है। आइए, इस मोहर्रम पर हम सब मिलकर इंसानियत की भलाई का संकल्प लें।आप सभी को आशूरा के इस दिन सब्र और अज़ीम सबाब की प्राप्ति हो।" अकीदतमंदों ने बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ इस जुलूस में भाग लिया धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजिए को कर्बला में सुरपुर्ते खाक किया गया इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य महताब आलम संभावित जिला पंचायत सदस्य इस्लाम अहमद रईस खान अनवर अली बनपुरवा ग्राम प्रधान चंदू यादव ओम प्रकाश सिंह गौसपुर अमरनाथ यादव राजा उमरी सुल्तानपुर
थाना आसपुर देवसरा यश ओ राकेश चौरसिया मैं सुरक्षा व्यवस्था के लिए अपने हमराहियों सहित तैनात रहे इमाम हुसैन अली असगर अब्बास एवं तमाम कर्बला वालों को याद करते हुए खिराजे हकीकत पेश किया गया है
देखिए यूसुफ खान की यह रिपोर्ट

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