खुटहन (जौनपुर), 25 जून। अस्पताल रोड स्थित किरण अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इलाज के दौरान छह माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाते हुए खुटहन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के तुरंत बाद अस्पताल में ताला लटकाकर डॉक्टर और पूरा स्टाफ फरार हो गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।मृतका की पहचान सरपतहा थाना क्षेत्र के पट्टी नरेंद्रपुर गांव निवासी रिंकू माली की 26 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि लक्ष्मी छह माह की गर्भवती थीं और शुरू से ही उनका इलाज किरण अस्पताल में चल रहा था। बुधवार सुबह अचानक उनके पेट में असहनीय दर्द उठा। हालत बिगड़ती देख परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे और भर्ती कराया। आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा इलाज शुरू करने के बाद लक्ष्मी की तबीयत सुधरने के बजाय और बिगड़ती चली गई। दर्द लगातार बढ़ता गया। परिजनों के मुताबिक शाम करीब 7 बजे अस्पताल के डॉक्टर लक्ष्मी को यह कहकर जिले के एक अन्य निजी अस्पताल ले गए कि वहां बेहतर सुविधा है। आधी रात के बाद करीब 1 बजे डॉक्टर उन्हें वापस किरण अस्पताल ले आए और बताया कि ऑपरेशन के दौरान लक्ष्मी की मौत हो गई है।यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और अस्पताल के स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। परिजनों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्हें मृत नवजात का शव न तो दिखाया गया और न ही सौंपा गया। अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली। मामला तब और पेचीदा हो गया जब पुलिस जांच के लिए राजन पैथोलॉजी पहुंची। इसी पैथोलॉजी में लक्ष्मी का अल्ट्रासाउंड हुआ था। पैथोलॉजी संचालक ने पुलिस को बताया कि अल्ट्रासाउंड का सारा डेटा कंप्यूटर से अपने आप डिलीट हो गया है। इस जवाब से पुलिस भी हैरान है।मृतका के पति रिंकू ने रोते हुए थाने में तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डॉक्टर और अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अल्ट्रासाउंड डेटा की फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि किरण अस्पताल का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां ऑपरेशन के दौरान कई महिलाओं की जान जा चुकी है, लेकिन हर बार मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है। यह थी विपिन चंद मौर्या की रिपोट
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