- रजिस्ट्री कार्यालयों के निजीकरण के विरोध में बिल्सी तहसील में अधिवक्ताओं का धरना शुरू
- उप निबंधक कार्यालयों के निजीकरण पर भड़के वकील, सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग
- बार एसोसिएशन बिल्सी ने खोला मोर्चा, निजीकरण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन
- ‘जनहित के विरुद्ध है निजीकरण’—अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में किया विरोध प्रदर्शन
- निजीकरण वापस न हुआ तो आंदोलन होगा तेज, अधिवक्ताओं ने दी चेतावनी
- बदायूं के बिल्सी में वकीलों और प्रलेखकों का प्रदर्शन, रजिस्ट्री व्यवस्था बचाने की उठी मांग
फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बदायूं।बिल्सी, बदायूं।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उप निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालयों के निजीकरण किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में तहसील बिल्सी के अधिवक्ताओं / प्रलेखकगणो ने मोर्चा खोल दिया है। बार एसोसिएशन बिल्सी के अध्यक्ष एवं महासचिव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालयों का निजीकरण जनहित के विरुद्ध है। इससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो सकती है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से न केवल आम नागरिकों को परेशानी होगी बल्कि अधिवक्ताओं / प्रलेखकगणो और संबंधित कर्मचारियों के हित भी प्रभावित होंगे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार निजीकरण के प्रस्ताव को वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और रजिस्ट्री कार्यालयों को सरकारी नियंत्रण में ही बनाए रखने की मांग की। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं / प्रलेखकगण मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सरकार के प्रस्तावित निर्णय का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि जनता के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। देखे बदायूं से शिव ओम की रिपोट
