आगरा के समाजसेवी पंकज जैन ने मेनका गांधी द्वारा दिगम्बर जैन संतों की पिच्छिका को लेकर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जैन समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी से देश-विदेश में रहने वाले जैन अनुयायियों के बीच गहरा रोष व्याप्त है।
समाजसेवी पंकज जैन ने कहा कि दिगम्बर जैन मुनियों द्वारा धारण की जाने वाली पिच्छिका केवल एक धार्मिक वस्तु नहीं, बल्कि संयम, अहिंसा और तपस्या का प्रतीक है, जिसे जैन परंपरा में प्राचीन काल से सम्मानपूर्वक धारण किया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त जानकारी के दिया गया ऐसा बयान न केवल अनुचित है, बल्कि इससे समाज की आस्थाओं को भी ठेस पहुंची है।
उन्होंने आगे कहा कि जैन धर्म और उसके संतों के प्रति देश के अनेक नेताओं ने समय-समय पर सम्मान व्यक्त किया है। ऐसे में धार्मिक परंपराओं पर आधारहीन टिप्पणी करना उचित नहीं है। पंकज जैन ने मांग की कि मेनका गांधी अपने बयान पर पुनर्विचार करते हुए जैन समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, ताकि समाज की भावनाओं का सम्मान बना रहे और अनुचित टिप्पणी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
