मथुरा में गांव यौरा श्री बाला जी मंदिर पर चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी जी ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अनुप्रिया किशोरी जी ने बताया कि बालक ध्रुव ने मात्र पांच वर्ष की आयु में मां की डांट से दुखी होकर भगवान की साधना के लिए जंगल का रुख किया। मार्ग में महर्षि नारद के समझाने पर भी उनका संकल्प नहीं डिगा। नारद जी ने उन्हें मंत्र देकर साधना के लिए प्रेरित किया। ध्रुव की तपस्या से संपूर्ण सृष्टि प्रभावित हुई, जिसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए।
कथा व्यास ने भक्त प्रह्लाद की भक्ति का भी वर्णन किया, जिसमें भगवान ने नृसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध कर अपने भक्त की रक्षा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ध्रुव ने 5 वर्ष की अवस्था में भगवान की भक्ति से भगवत प्राप्ति की, उसी प्रकार प्रत्येक मनुष्य को बाल्यावस्था से ही भक्ति में लीन होकर जीवन के मुख्य लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। कथा का शुभारंभ मंदिर महंत विजय जी और सावित्री पत्नी जगपाल चौधरी ने भागवत जी की आरती उतारकर किया। जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि गांव यौरा आंवला सुल्तानपुर श्री बाला जी मंदिर पर सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन 22 जून से 28 जून तक किया जा रहा है क्षेत्रवासियों से अनुरोध किया है कि इस धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग ले, इस अवसर पर मंदिर पर गांव के लोगों सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट नंदकिशोर शर्मा 151170853
