न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर में बढ़ती अग्नि दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए फायर विभाग ने बड़ा जागरूकता अभियान चलाया। फायर ब्रिगेड कार्यालय में स्कूल, कोचिंग सेंटर और होटल संचालकों की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें आग लगने की स्थिति में बचाव, सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल और फायर सेफ्टी मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। फायर ब्रिगेड कार्यालय में आयोजित इस बैठक में स्कूल, कोचिंग सेंटर और होटल संचालकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। फायर विभाग के अधिकारियों ने अग्निकांड की स्थिति में तत्काल बचाव के तरीके, सुरक्षित निकासी व्यवस्था और प्राथमिक अग्निशमन उपायों की जानकारी दी। फायर अधिकारी प्रमोद शर्मा ने मौजूद संचालकों को फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट, वाटर हाइड्रेंट और अन्य सुरक्षा उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि किन संस्थानों में कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं और उनकी नियमित जांच किस प्रकार की जानी चाहिए।
बैठक में संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रतिष्ठानों में लगे अग्निशमन उपकरणों की समय-समय पर जांच कराएं और उन्हें हमेशा कार्यशील अवस्था में रखें। स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को विशेष रूप से छात्रों और स्टाफ को आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण देने की सलाह दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके।
फायर विभाग की इस पहल को लेकर स्कूल, कोचिंग और होटल संचालकों में उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में बड़े हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रमोद शर्मा, फायर अधिकारी ने कहा की आग लगने के बाद राहत और बचाव की कोशिशों से बेहतर है कि पहले से ही सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जाएं। फायर विभाग का यह अभियान इसी सोच को मजबूत कर रहा है, ताकि जागरूकता के जरिए संभावित हादसों को टाला जा सके। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044750
