जौनपुर में धर्म रक्षा आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने बिहार के आरा जिले में हुई भरत तिवारी मुठभेड़ घटना का विरोध जताया। सोमवार को कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री से मामले का सीधा संज्ञान लेने की मांग की। संगठन ने भरत तिवारी मुठभेड़ में शामिल दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही।
चंद्र मणि पांडेय ने कहा कि संविधान के अनुसार सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है। उनका कहना था कि आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्ति को गोली मारना कानून के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए थे, इसके बावजूद उनकी हत्या कर दी गई। संगठन ने इस घटना को गैरकानूनी और आपराधिक करार दिया। इस दौरान योगेश कुमार द्विवेदी, शैलेंद्र प्रजापति, सूर्य भूषण त्रिपाठी, विपिन कुमार पांडे, भगवंत सिंह, संतोष दुबे उपस्थित रहे। रिपोट - विपिन चंद मौर्या 151045502
