फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद मुख्यालय में 5वीं मोहर्रम का पारंपरिक एवं ऐतिहासिक जुलूस रविवार को पूरी अकीदत, अनुशासन और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकाला गया। मोहर्रम कमेटी ट्रस्ट प्रतापगढ़ के अध्यक्ष हैदर अली एवं सचिव शकील अहमद 'लल्लन शेख' की अगुवाई में निकले इस जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस के दौरान शहर का माहौल "या हुसैन" की सदाओं और मातमी श्रद्धा से गूंज उठा। जुलूस खुशखुशवापुर स्थित हुसैनी इमामबाड़ा से प्रारंभ होकर अपने पारंपरिक मार्गों से गुजरा। अजादारों और अलमदारों का काफिला भंगवा चुंगी, टक्करगंज, पुराना मालगोदाम, तहसील मार्ग, पंजाबी मार्केट, श्रीराम चौराहा, बजाजा रोड, जामा मस्जिद चौराहा, घंटाघर, बाबागंज, गफ्फार टंकी और पल्टन बाजार से होते हुए सेनानी आवास एवं पंचमुखी मंदिर बलीपुर रोड पहुंचा। देर रात जुलूस पुनः हुसैनी इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ।जुलूस के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए अलमदारों और मातमी अंजुमनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मीम बॉयज अलमदार कमेटी, अली बॉयज अलमदार, मीरा भवन दहिलामऊ के अलमदार तथा पूर्वी सहोदरपुर से आए शाही अलम आकर्षण का केंद्र रहे। रास्तों के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों ने खड़े होकर जुलूस का स्वागत किया और शाही अलमों की जियारत की। इस अवसर पर लोको अखाड़ा के खलीफा मोहम्मद अशफ़ाक़ ने सभी अलमदारों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी सलामती और तरक्की के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का जीवन त्याग, सत्य, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक है। कर्बला का संदेश पूरी मानवता को अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है। जुलूस के दौरान धर्मगुरुओं और वक्ताओं ने कर्बला की ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इमाम हुसैन ने सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए अपने परिवार और साथियों के साथ सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका यह बलिदान आज भी इंसानियत, न्याय और मानव मूल्यों की रक्षा का प्रतीक माना जाता है। मोहर्रम के इस ऐतिहासिक जुलूस को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन की याद में मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और अमन, भाईचारे तथा मानवता की सलामती के लिए दुआएं मांगीं। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
