फास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बुलंदशहर। जहांगीराबाद पुरुषोत्तम मास (मलमास) की समाप्ति के साथ ही क्षेत्र में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा विराम समाप्त हो गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19 जून से शुभ कार्यों के लिए पुनः शुभ मुहूर्त उपलब्ध होने लगे हैं। हालांकि यह अवधि अधिक लंबी नहीं रहेगी, क्योंकि 25 जुलाई से देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा और फिर चार माह तक मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।
ज्योतिषाचार्य आचार्य नरेंद्र शर्मा, पंडित अनुराग शर्मा ने बताया कि मलमास के कारण पिछले एक माह से विवाह सहित सभी शुभ कार्य स्थगित थे। अब ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के प्रभाव में शुभ मांगलिक कार्यों का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में विवाह और अन्य संस्कारों के लिए कई शुभ तिथियां उपलब्ध हैं, जिससे आयोजन स्थलों और बाजारों में भी रौनक बढ़ने की उम्मीद है।
वहीं सुशील शर्मा ने बताया कि 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाएंगे और इसी के साथ चातुर्मास आरंभ हो जाएगा। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों का आयोजन नहीं किया जाता। इसके बाद नवंबर में देवोत्थान एकादशी के साथ पुनः शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू होगा।
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चातुर्मास में रहेंगे मांगलिक कार्य स्थगित
हिंदू पंचांग के अनुसार देवशयनी एकादशी से देवोत्थान एकादशी तक का समय चातुर्मास कहलाता है। इस वर्ष 25 जुलाई से चातुर्मास शुरू होकर नवंबर तक रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
विवाह व शुभ कार्यों के प्रमुख मुहूर्त जून: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29, जुलाई: 1, 6, 7, 11
नवंबर: 21, 24, 25, 26, दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 दिन शुभ हैं। रिपोर्ट - सुनील कुमार 151044 750
