फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया यूपी बदायूं।, 3 दिन में समाधान न होने पर बिसौली तहसील में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
- केयरटेकर महिलाओं के मानदेय को लेकर अंबेडकर जस्टिस पार्टी का अल्टीमेटम, 72 घंटे में कार्रवाई की मांग
- महिला सशक्तिकरण के दावों पर सवाल, महीनों से मानदेय को तरस रहीं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
- बदायूँ में केयरटेकर महिलाओं का मानदेय अटका, प्रशासन के खिलाफ धरने की चेतावनी
- अधिकारियों पर धमकाने और गुमराह करने का आरोप, CDO को सौंपा अंतिम ज्ञापन
- 51 महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप, पीड़ित महिलाओं के समर्थन में उतरी अंबेडकर जस्टिस पार्टी
- 72 घंटे में समाधान नहीं तो बिसौली तहसील पर अनिश्चितकालीन धरना, पार्टी ने किया ऐलान
बिसौली (बदायूँ), 17 जून 2026एक तरफ जहां सरकार 'मिशन शक्ति' और 'महिला सशक्तिकरण' के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं बदायूँ जिले के ब्लॉक आसफपुर और ब्लॉक इस्लामनगर से व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की कथित लापरवाही, वित्तीय अनियमितताओं और ग्राम प्रधानों की तानाशाही के चलते स्वयं सहायता समूह की गरीब केयरटेकर महिलाएं पिछले कई महीनों से अपने हक के मानदेय के लिए भटक रही हैं।
महिलाओं के इस मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक शोषण के खिलाफ अंबेडकर जस्टिस पार्टी ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
सीडीओ बदायूँ को सौंपा अंतिम पत्र, 72 घंटे का अल्टीमेटम
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बदायूँ को एक अंतिम पत्र (पत्रांक संख्या: AJP/2026/CDO/04) सौंपकर प्रशासन को 3 दिन (72 घंटे) का सख्त अल्टीमेटम दिया है। राहुल कुमार ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया, तो पार्टी बिसौली एसडीएम कार्यालय (तहसील मुख्यालय) पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अधिकारियों पर धमकाने और गुमराह करने का गंभीर आरोप
राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि पूर्व में सीडीओ द्वारा इस पूरे प्रकरण की जांच और निस्तारण के लिए 14 दिन का समय दिया गया था। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि समय सीमा बीतने के बाद भी ब्लॉक स्तर पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
"कार्रवाई करना तो दूर, संबंधित अधिकारियों द्वारा द्वेषभावना के तहत पीड़ित महिलाओं को डराया, धमकाया और गुमराह किया जा रहा है। अधिकारियों के इस अड़ियल रवैये के कारण गांवों में आपसी विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो रही है।"
— राहुल कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष (अंबेडकर जस्टिस पार्टी)
पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर महिलाओं का मानदेय बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के सीधे उनके पर्सनल बैंक खातों में भेजा जाए।
इन पीड़ित महिलाओं के हक की उठाई आवाज (मुख्य मांगें):
दस्तावेजों और उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, संगठन ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख मामले और मांगें रखी हैं:
पिंकी (ग्राम बीधा नगला, ब्लॉक आसफपुर): सचिव द्वारा समूह के खाते में भेजी गई ₹72,000 की मानदेय राशि को बिना किसी उत्पीड़न के तत्काल पिंकी को दिलाया जाए। साथ ही, उनसे अवैध रूप से छीनी गई शौचालय की चाबी को ससम्मान वापस कराया जाए।
प्रीति (ग्राम सिरसावा, ब्लॉक आसफपुर): पीड़ित प्रीति का पिछले 11 महीने का मानदेय बकाया है। वर्तमान में ₹81,000 की राशि पिछले 1 साल से समूह के खाते में डंप पड़ी है, जिसे अधिकारियों की शह पर अन्य महिलाओं द्वारा निकलने नहीं दिया जा रहा है। इस रुकावट को दूर कर प्रीति का पूरा बकाया मानदेय तुरंत विमुक्त किया जाए।
सोनी, केयरटेकर (ग्राम मित्ररोली, ब्लॉक इस्लामनगर): कर्तव्यनिष्ठ केयरटेकर सोनी पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन स्थानीय ग्राम प्रधान द्वारा दुर्भावना के चलते उन्हें पिछले 51 महीने (साढ़े चार साल से अधिक) से मानदेय नहीं दिया गया है। आरोप है कि प्रधान द्वारा "जब तक प्रधानी पर रहूँगा, मानदेय नहीं निकलने दूँगा" जैसी तानाशाही और मर्यादाहीन धमकी दी जा रही है। ऐसे जनप्रतिनिधि पर तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर सोनी का मानदेय दिलाया जाए।
दोषी अधिकारियों का हो तबादला: ब्लॉक आसफपुर में तैनात दोनों अधिकारियों की आपसी साठगांठ और भ्रष्टाचार के नेटवर्क को तोड़ने के लिए उनका तत्काल प्रभाव से अन्य ब्लॉक में स्थानांतरण (Transfer) किया जाए। साथ ही, महिलाओं को डरा-धमकाकर सादे कागजों पर कराए गए हस्ताक्षरों को तत्काल अमान्य घोषित किया जाए।
"हक मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन"
अंबेडकर जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने कड़े लहजे में कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। यदि 3 दिन के भीतर इन शोषित महिलाओं को इंसाफ नहीं मिला, तो बिसौली तहसील मुख्यालय पर ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा, जो महिलाओं को उनका पूरा हक और सम्मान मिलने के बाद ही समाप्त होगा।
उच्चाधिकारियों को भेजी प्रतिलिपि:
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन, मण्डलायुक्त बरेली मण्डल, जिला अधिकारी (DM) बदायूँ और उप-जिलाधिकारी (SDM) बिसौली को भी आवश्यक और त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला इन बेबस महिलाओं को 72 घंटे में न्याय देता है या फिर बिसौली तहसील आंदोलन की आग में तपेगी। देखे बदायूं से शिव ओम की रिपोट 151082090
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