*नगर पालिका विवाद पर प्रेस वार्ता, कहा - कार्रवाई जाति देखकर नहीं, काम देखकर होगी*
बयाना- पिछले दिनों नगरपालिका कार्यालय में ईओ-विधायक विवाद, EO के निलंबन और सैनी-कुशवाह समाज के धरना-प्रदर्शन के बाद स्थानीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने रविवार को प्रेस वार्ता कर पूरा घटनाक्रम स्पष्ट किया।
विधायक ने बेबाकी से कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें रिकॉर्ड देखना और अनियमितताओं की जांच कराने का संवैधानिक अधिकार है। बयाना-रूपवास विधानसभा क्षेत्र में किसी भी विभाग में भ्रष्टाचार स्वीकार्य नहीं है। जनता के हित और विकास कार्यों में पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता है। किसी भी विभाग में अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई तय है।
डॉ. बनावत ने बताया कि 12 जून को नगर पालिका कार्यालय में बैठक का उद्देश्य नाले सफाई टेंडर, सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा व पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहुंचने पर EO अनिता कुमारी कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। विधायक ने नगर पालिका की टेंडर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। कहा कि करोड़ों की निविदाएं उन अखबारों में छपवाई गईं जिनकी क्षेत्र में पहुंच ही नहीं है। स्थानीय अखबारों में विज्ञप्ति होती तो प्रतिस्पर्धा बढ़ती और कम दर पर बेहतरीन काम होता। कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की फोटोकॉपी मांगने पर भी नगरपालिका ने नहीं दी, जो भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ाता है।
विधायक ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी इस मामले को बेवजह जातिगत तूल दे रहे हैं। जो गलत है क्योंकि जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति किसी भी जाति-धर्म का हो, गलत करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कार्रवाई व्यक्ति के काम के आधार पर होगी, जाति-समाज के आधार पर नहीं। गलत काम पर कार्रवाई के बाद समाज की आड़ लेना निंदनीय है। डॉ. बनावत ने दोहराया - "जनहित सर्वोपरि है। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।"
