जौनपुर
में आगामी मानसून से पहले तैयारियों का स्थलीय सत्यापन करने के लिए 31 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन के निर्देश पर यह कदम पिछले साल हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, जब करंट लगने और नाले में बहने से तीन लोगों की मौत हो गई थी।प्रशासन ने कमर कस ली है ताकि बिजली के खंभों में करंट आने, तारों के टूटने या गिरने जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इसके साथ ही, खुले नालों को समय रहते ढका जाएगा और जलभराव की समस्या से बचने के लिए बारिश से पहले उनकी उचित सफाई सुनिश्चित की जाएगी।इन सभी कार्यों के स्थलीय सत्यापन के लिए कुल 12 निकायों में 31 अधिकारी और सहायक अधिकारी नामित किए गए हैं। इनमें तीन नगर पालिकाएं और नौ नगर पंचायतें शामिल हैं। ये टीमें एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) अजय कुमार अंबष्ट ने बताया कि नामित अधिकारी और सहायक अधिकारी बिजली के खंभों, सड़कों और नालों की सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन करेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बरसात के दौरान कोई समस्या उत्पन्न न हो।उदाहरण के तौर पर, जौनपुर नगर पालिका के वार्ड संख्या 1 से 20 तक के लिए नायब तहसीलदार सदर को अधिकारी और सहायक अभियंता नलकूप खंड व अवर अभियंता नलकूप खंड को सहायक अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, वार्ड संख्या 21 से 39 तक के लिए नायब तहसीलदार शैलेंद्र कुमार सरोज को अधिकारी नामित किया गया है।
