करीब दो वर्ष पूर्व इलाज के लिए एक परिचित को दिए गए नवजात बच्चे को पीपीगंज पुलिस ने भरोहिया के जंगल अगही से सकुशल खोजकर उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों ने पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार जताया।
आरोपी रिश्तेदार गीडा के नौसड़ निवासी अभय यादव उर्फ खन्ना को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, महाराजगंज जिले के मथुरानगर आनंदनगर निवासी हृदेश कुमार यादव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि जून 2024 में उनकी पत्नी ने पीपीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था।
नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अपने बहनोई अभय यादव उर्फ खन्ना को बच्चे को बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप है कि अस्पताल से पत्नी को घर पहुंचाने के बाद जब उन्होंने परिचित से बच्चे के बारे में जानकारी ली तो वह उसे आईसीयू में भर्ती होने की बात कहकर टालता रहा।
इसके बाद वह लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद पुलिस से शिकायत की। मामले में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान पीपीगंज पुलिस ने अभय यादव उर्फ खन्ना को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने जंगल अगही भरोहिया निवासी विनोद कुमार चौरसिया को बच्चा देने की बात कही।
इसके बाद पुलिस ने सोमवार को बच्चे को सकुशल खोजकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि बच्चा दिव्यांग है। पालने वाली महिला ने उसे अपने बेटे जैसी देखभाल की थी।
महिला ने बताया कि उसकी दो बेटियां हैं। बेटे की चाह थी। इसके लिए खन्ना ने उन्हें बच्चे को दिया था। बरामदगी करने वाली टीम में एसआई राज कुमार, कांस्टेबल राजेश यादव तथा महिला कांस्टेबल रितु कश्यप शामिल रहीं। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि मामले में आवश्यक अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट फूलमती मौर्य 151188511
