तीन सप्ताह में दूसरी बार नोटिस जारी, एआरडी सिस्टम, प्रशिक्षित ऑपरेटर और सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश
गाजियाबाद। राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एन्क्लेव सोसायटी में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्युत सुरक्षा विभाग ने लिफ्टों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन न होने पर गुलमोहर एनक्लेव आरडब्ल्यूए को तीन सप्ताह के भीतर दूसरी बार नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया और भविष्य में कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी गुलमोहर एनक्लेव आरडब्ल्यूए की ही होगी।
विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक सौरभ कुमार सिंह द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि सोसायटी में स्थापित सभी लिफ्टों का उत्तर प्रदेश लिफ्ट एवं एस्केलेटर अधिनियम-2024 के तहत पंजीकरण कराया जाए तथा सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इससे पहले 14 मई 2026 को जारी नोटिस के अनुपालन में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर 4 जून 2026 को दोबारा नोटिस जारी किया गया।
नोटिस में सभी लिफ्टों में एआरडी (ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस), स्पीड गवर्नर, फायर स्विच, सेंसरिंग सिस्टम, वेंटिलेशन व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील रखने के निर्देश दिए गए हैं। एआरडी सिस्टम एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है, जो बिजली चले जाने या तकनीकी खराबी की स्थिति में लिफ्ट को निकटतम मंजिल तक पहुंचाकर उसका दरवाजा खोल देता है, जिससे अंदर फंसे लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें। विभाग ने सभी लिफ्टों में इस व्यवस्था को कार्यशील रखने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही लिफ्टों के वार्षिक निरीक्षण, परीक्षण रिपोर्ट, सुरक्षा प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
निवासी दिनेश सिंह ने कहा कि एआरडी सिस्टम लिफ्ट में सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जीवनरक्षक उपकरण की तरह कार्य करता है। यदि किसी आपात स्थिति में यह सिस्टम उपलब्ध नहीं है तो लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने मांग की कि आरडब्ल्यूए तत्काल सभी लिफ्टों में एआरडी सिस्टम एवं अन्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करे।
विभाग ने नोटिस में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोसायटी की सभी लिफ्टों के लिए प्रशिक्षित एवं सक्षम कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी व्यक्ति के लिफ्ट में फंसने अथवा आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल सुरक्षित बचाव किया जा सके। निवासियों का आरोप है कि आरडब्ल्यूए द्वारा नियुक्त कर्मचारी केवल दिन के समय उपलब्ध रहता है, जबकि रात्रि के समय ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत सुरक्षा विभाग ने नोटिस की प्रतिलिपि जिलाधिकारी गाजियाबाद को भी प्रेषित की है। वहीं शिकायतकर्ता गौरव बंसल को भी पत्र की प्रति भेजी गई है। इससे स्पष्ट है कि विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गुलमोहर एनक्लेव आरडब्ल्यूए से शीघ्र अनुपालन रिपोर्ट मांगी है।
सोसायटी के पूर्व सचिव आर. के. गर्ग ने कहा कि निवासी नियमित रूप से भारी-भरकम मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई शिकायतों और विभागीय नोटिसों के बाद भी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सहायक निदेशक विद्युत सुरक्षा द्वारा जारी नोटिस में लिफ्टों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) गुलमोहर एन्क्लेव के पदाधिकारियों से अनुरोध है कि नो-ड्यूज से प्राप्त धनराशि की फिक्स डिपॉजिट में से राशि का उपयोग कर सभी लिफ्टों में एआरडी सिस्टम लगवाया जाए। इससे सोसायटी के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसी आपात स्थिति में लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता मिलेगी। सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं हो सकती।
वहीं गौरव बंसल ने कहा कि निवासी समय पर मेंटेनेंस शुल्क देकर अपना दायित्व निभाते हैं। सोसायटी की सुरक्षा, लिफ्टों का रखरखाव और लिफ्ट एक्ट के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना पूरी तरह गुलमोहर एनक्लेव आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी है। यदि भविष्य में कोई हादसा होता है तो उसकी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी भी गुलमोहर एनक्लेव आरडब्ल्यूए की होगी।
लगातार मिल रहे विभागीय नोटिसों के बाद सोसायटी के निवासियों में चिंता का माहौल है। निवासियों का कहना है कि जब विद्युत सुरक्षा विभाग स्वयं सुरक्षा खामियों की ओर संकेत कर रहा है, तब आरडब्ल्यूए को तत्काल सभी कमियों को दूर कर लिफ्टों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
रिपोर्ट नंद किशोर शर्मा 151170853
