फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। रामानुज आश्रम के धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि 7 जून का दिन स्वाभिमान, आत्मसम्मान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देने वाला विशेष दिवस है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1893 में दक्षिण अफ्रीका के पीटरमेरिट्जबर्ग रेलवे स्टेशन पर एक ऐसी घटना घटी थी जिसने मोहनदास करमचंद गांधी के जीवन की दिशा बदल दी और आगे चलकर उन्हें महात्मा गांधी के रूप में स्थापित किया। धर्माचार्य ने बताया कि प्रथम श्रेणी का वैध टिकट होने के बावजूद गांधी जी को नस्लीय भेदभाव के कारण ट्रेन से बाहर धकेल दिया गया था। यह अपमानजनक घटना उनके जीवन का निर्णायक मोड़ बनी और यहीं से अन्याय के विरुद्ध अहिंसक प्रतिरोध तथा सिविल नाफरमानी की भावना ने जन्म लिया। बाद में यही विचार पूरी दुनिया में परिवर्तन का माध्यम बना। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होता है। इतिहास गवाह है कि जिन्होंने अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, वही समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा बने। आज के समय में भी युवाओं को गांधी जी के आत्मसम्मान, सत्य और संघर्ष के आदर्शों से सीख लेने की आवश्यकता है। धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और जेलों में यातनाएं सहने वाले महान देशभक्तों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग और बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वाभिमान, सत्य और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
