उत्तर प्रदेश प्रयागराज से बड़ी खबर
प्रयागराज के हंडिया स्थित निर्मला विपिन वाटिका में इन दिनों दिगंबर जैन संत आचार्य सुरूप सागर महाराज का प्रवास चल रहा है। अपनी तीन वर्षीय धर्म यात्रा के दौरान महाराज जी अयोध्या से होते हुए प्रयागराज पहुंचे हैं और यहां से उनका अगला पड़ाव वाराणसी होगा।
हमारे संवाददाता से विशेष बातचीत में आचार्य सुरूप सागर ने बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म की प्रभावना करना तथा जैन तीर्थंकरों की पावन जन्मभूमियों के दर्शन करना है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष की यात्रा पूरी हो चुकी है और अभी लगभग एक वर्ष का सफर शेष है।
आचार्य श्री ने कहा कि जैन धर्म केवल जैन समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्त मानव समाज के लिए है। उन्होंने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि कोई भी धर्म जीव हिंसा की अनुमति नहीं देता। सभी धर्म प्रेम, करुणा और सद्भाव का संदेश देते हैं।
दिगंबर परंपरा में वस्त्र त्याग के विषय में पूछे गए प्रश्न पर आचार्य श्री ने कहा कि उनके जीवन का आधार पूर्ण वैराग्य और विकारों से मुक्ति है। उन्होंने बताया कि दिगंबर साधु सांसारिक मोह-माया से दूर रहकर आत्मकल्याण और लोककल्याण का मार्ग अपनाते हैं।
आचार्य सुरूप सागर महाराज दिन में केवल एक बार भोजन और जल ग्रहण करते हैं तथा शेष समय धर्म साधना, प्रवचन और जनकल्याण के संदेश में व्यतीत करते हैं।
हंडिया में उनके आगमन से जैन समाज सहित क्षेत्र के श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। देखे प्रयागराज से प्रदीप मिश्रा की रिपोट

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