वाराणसी । मां गंगा के पावन अवतरण दिवस ‘गंगा दशहरा’ के शुभ अवसर पर गंगोत्री सेवा समिति के दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम हुआ। मां गंगा की पावन धारा के तट पर श्रद्धालुओं, संतों एवं देश-विदेश से आये भक्तों ने दशाश्वमेध घाट पर माँ गंगा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मां गंगा जी आरती में सहभाग किया तथा माँ गंगा को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाये रखने का संकल्प लिया।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाते हुए कहा कि मां गंगा केवल जलधारा नहीं हैं, वे भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, जीवन, चेतना और करुणा की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। जिस प्रकार मां गंगा सबको बिना भेदभाव के अपना आशीर्वाद देती हैं, उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में प्रेम, सेवा, करुणा और समर्पण के भाव को प्रवाहित करना होगा।
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का आध्यात्मिक और नैतिक उत्तरदायित्व है। यदि हम वास्तव में माँ गंगा से प्रेम करते हैं, तो केवल पूजा-अर्चना पर्याप्त नहीं है। हमें उनके अस्तित्व की रक्षा हेतु ठोस संकल्प लेने होंगे। गंगा को स्वच्छ रखना केवल सरकारों का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का आध्यात्मिक और नैतिक उत्तरदायित्व है।
तीर्थ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुये कहा कि वे तीर्थ स्थलों से सुनहरी यादों के साथ अपना कचरा भी साथ लेकर जाएँ। उन्होंने कहा, यदि हम अपने तीर्थों की दिव्यता को बनाये रखना चाहते हैं, तो हमें अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। प्लास्टिक, कचरा और प्रदूषण तीर्थों की पवित्रता को नष्ट कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों को भी वही निर्मल और दिव्य गंगा प्राप्त हो, इसके लिये आज हमें जागरूक बनना होगा। हमें यूज एंड थ्रो कल्यर से यूज एंड ग्रो कल्चर की ओर बढ़ना होगा। मां गंगा भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। गंगा केवल भारत की नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक धरोहर हैं। आज जब पूरी दुनिया पर्यावरण संकट, जल संकट और मानसिक अशांति से जूझ रही है, तब माँ गंगा का संदेश हमें प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा गंगाजी हमें संदेश देती है कि जीवन निरंतर बहते रहने का नाम है। हमें अपने भीतर की नकारात्मकता, क्रोध, अहंकार और तनाव को बहाकर प्रेम, शांति और सेवा के भाव को अपनाना चाहिए।
गंगा दशहरा आयोजन के दौरान गंगोत्री सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष पंडित किशोरी रमण दुबे एवं सचिव पंडित दिनेश शंकर दुबे ने मां गंगा की सेवा हेतु गंगा सेवक राजेश शुक्ला का सम्मान किया ।
आयोजन के दौरान पंडित कन्हैया त्रिपाठी जी, ख्यातिलब्ध गायक सुशील बावेजा जी, राजनाथ तिवारी जी, गणेश दत्त शास्त्री जी, राजीव झा जी, प्रभु नाथ सिंह जी, शीतला घाट दशाश्वमेध चौकी प्रभारी राजीव सिंह जी उपस्थित रहे ।। रविन्द्र गुप्ता
