50 शैय्या से कम क्षमता वाले नैदानिक संस्थानों के लिए शासन के निर्देश जारी
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। जनपद के निजी चिकित्सालयों, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे सेंटर और क्लीनिक संचालकों के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ए0एन0 प्रसाद ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में 50 शैय्या से कम क्षमता वाले नैदानिक संस्थानों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही किया जाएगा। उन्होने जनपद के सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को 15 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन नवीनीकरण कराने को कहा है। ऐसे संस्थान जिन्होंने पिछले सत्र में पंजीकरण कराया था लेकिन अभी तक नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है, उन्हें निर्धारित तिथि तक आवेदन करना होगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि संस्थानों को यह शपथपत्र देना होगा कि बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र वर्तमान सत्र के लिए वैध हैं। यदि प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है तो नए प्रमाणपत्र 15 जून तक सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन आवेदन विभाग की निर्धारित वेबसाइट up-health.in पर किया जाएगा। इसके साथ ही सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) पोर्टल पर जाकर एचएफआर (हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री) और एचपीआर (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री) में पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों की हार्डकॉपी पंजीकरण इकाई में जमा करनी होगी। इनमें संचालक/प्रबंधक का शपथपत्र, बायोमेडिकल वेस्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र शामिल होंगे, जिनकी वैधता 30 अप्रैल 2027 तक होना जरूरी है। समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा न करने वाले संस्थानों का पंजीकरण अथवा नवीनीकरण निलंबित या समाप्त किया जा सकता है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
