फास्ट न्यूज इंडिया पुलिस प्रशासन के बाद में परीक्षा कराने के आश्वासन पर करीब तीन घंटे बाद अभ्यर्थी लौटे। अभ्यर्थियों के मुताबिक, एसएससी (जीडी) की ऑनलाइन परीक्षा सेंट एंड्रयूज कॉलेज केंद्र पर शाम 4:30 से 5:30 बजे तक आयोजित थी। इसके लिए प्रवेश का समय अपराह्न तीन से चार बजे तक तय था। वे चार बजे के पहले केंद्र पर पहुंच गए थे लेकिन सिर्फ 250 अभ्यर्थियों को ही अंदर जाने दिया गया। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के लिए आयोजित एसएससी (जीडी) की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान सोमवार को शहर के दो केंद्रों पर जिम्मेदारों की बड़ी चूक सामने आई। सेंट एंड्रयूज कॉलेज केंद्र पर 250 अभ्यर्थियों की व्यवस्था थी और 500 को बुलाया गया था। परीक्षा से वंचित 200 से अधिक अभ्यर्थी सड़क पर उतर गए और जमकर हंगामा किया। पुलिस प्रशासन के बाद में परीक्षा कराने के आश्वासन पर करीब तीन घंटे बाद अभ्यर्थी लौटे। अभ्यर्थियों के मुताबिक, एसएससी (जीडी) की ऑनलाइन परीक्षा सेंट एंड्रयूज कॉलेज केंद्र पर शाम 4:30 से 5:30 बजे तक आयोजित थी। इसके लिए प्रवेश का समय अपराह्न तीन से चार बजे तक तय था। वे चार बजे के पहले केंद्र पर पहुंच गए थे लेकिन सिर्फ 250 अभ्यर्थियों को ही अंदर जाने दिया गया। एडमिट कार्ड दिखाने पर वहां मौजूद केंद्र व्यवस्थापक और पुलिसकर्मियों ने कंप्यूटर सिस्टम न होने का तर्क देकर पल्ला झाड़ लिया। इस वजह से करीब 200 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए आक्रोशित अभ्यर्थी सड़क पर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर एएसपी और कैंट थाने की पुलिस वहां पहुंची। काफी देर तक समझाने के बाद अभ्यर्थी सड़क से हटकर गेट के अंदर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम करीब सात बजे जो अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित रह गए थे, उनसे पुलिस अधिकारियों ने एडमिट कार्ड लिए और आश्वासन दिया कि दोबारा परीक्षा के लिए एजेंसी से सहमति मिल गई है। उनकी नई तिथि की सूचना जल्द दे दी जाएगी। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट संजय सिंह ने बताया कि छूटे हुए अभ्यर्थियों की परीक्षाएं इसी हफ्ते कराई जाएंगी। इस बाबत कार्यदायी एजेंसी को अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड सौंप दिए गए हैं। उन अभ्यर्थियों का नया एडमिट कार्ड जेनरेट होगा। अभ्यर्थियों को समझाकर भेज दिया गया है। अभ्यर्थियों मनीष प्रजापति, गौतम गौड़ व कुलदीप गुप्ता ने कहा कि जब केंद्र की क्षमता सीमित थी, तब अधिक संख्या में क्यों बुलाया गया। सभी लोग दूर से आए हैं। उनका समय, पैसा, मेहनत सब बर्बाद हो गया। इस अव्यवस्था ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो छात्र संगठनों के पदाधिकारियों में कहासुनी
मामले की सूचना पाकर एक छात्र संगठन के पदाधिकारी वहां पहुंचे और छात्रों की समस्या जानने के बाद उनका नेतृत्त्व करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ देर बाद दूसरे छात्र संगठन से भी कुछ पदाधिकारी व कार्यकर्ता पहुंचे। मामला सुलझने के बाद दोनों संगठनों के नेता इसका श्रेय लेने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। वहां मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने किसी तरह मामले को शांत करवाया। फूलमती मौर्य 151188511
