जम व कश्मीर जिला राजौरी की तहसील कालाकोट मथानी में आज
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा मिथ्यानी क्षेत्र के सौजन्य से पांच दिव्य श्री हरि कथा का आयोजन कालिका मिथ्यानी में किया गया। इस अवसर पर दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य कथा व्यास अवतरण गौरी भारती जी ने बड़ी संख्या में उपस्थित संगत को प्रभु महिमा बताई है, जिसमें कहा गया है कि जब वह ईश्वर इस धरती पर अवतार लेते हैं तो उनकी लीलाओं को शब्द से प्रकट किया जाता है। लीला यानि दिव्य खेल, दिव्य क्रीड़ा। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने अवतरण काल में अनेकों ही दिव्य लीलाएं कीं। ब्रज की कुंज गलियां, कांस के अत्याचारियों से पीड़ित मथुरा भूमि, कुरूक्षेत्र का महास्मरण, हर क्षेत्र में अलौकिक लीलाओ का प्रकाश जगमगया। ये दिव्य क्रीड़ाएँ तत्समय तो सप्रयोजना थी, आज युगों परान्त भी हमारे लिए प्रेरणा दीप है। सबसे अलग दिखने वाले भी एलबम के कैरिएर हैं। एक-एक लीला में गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य संजोया व पिरोया हुआ है। जैसे ग्वालिनों की मटकी से माखन चुराकर खाना। नटखट कान्हा अपनी ग्वाल, बाल की टॉली के संग किसी भी ग्वालिन के घर में चोरी की नोकें प्रवेश कर जाती थीं। अवसर ही माखन की मटकी से निकलने का अवसर। फिर सब सखाओ के संग खूब छक कर माखन। नंदानंद माखन चोर की यह लीला अत्यंत सांकेतिक है। यह सिद्ध कर रही है कि संसार द्वैतात्मक है। इसमें माखन रूपी साथ एवं छछ रूपी अंसार दोनों ही शामिल हैं। माखन चुराकर प्रभु यही समझा रहे हैं कि इस संसार में परम साथ तत्त्व यानी ईश्वर का वरण करो सार हीन माया का नहीं। इसी प्रकार के कांच के मोती मटकी फोड़ना, तंबाकू बांसुरी की तान छेड़ना, आदि सभी लीलाएं अत्यंत प्रेरक हैं। दिव्य एवं अलौकिक हैं। अन्य वीडियो में बताया गया है कि वर्तमान में कृष्ण लीओन के संदर्भ में कई भ्रांतियां फोटो इन हुई हैं। आज का बुद्धिजीवी वर्ग इन पारलौकिक लीलाओं को अपनी तरह से लौकिक बुद्धि के पैमाने में तोलने की चेष्ठा कर रहा है। अंत में वह इन दिव्य लीलाओं पर उल-जूलूल प्रश्नचिन्ह लगाया गया है! इसलिए भगवान की लीलाओ को कभी भी अपनी बुद्धि के द्वारा समझने का प्रयास न करें। क्योंकि वह ईश्वर मन बुद्धि वाणी से परे का विषय है। उसे केवल ज्ञान के द्वारा समझाया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन पवन श्री आरती के साथ हुआ जिसके बाद सभी संगत ने लंगर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। विशेष रूप से सुचेतानंद, स्वामी हरिदासानंद कृष्ण शर्मा पूर्व एमएलसी, कृष्ण लाल शर्मा, जो शर्मा पूर्व नायक सरपंच राजकुमार पूर्व सरपंच, विजय कुमार, चमेल सिंह, मास्टर जसवीर सिंह, सुनील शर्मा आचार्य, सतपाल पूर्व स्वामी सरपंच, देवराज, गोपाल शर्मा, कैप्टन अर्जुन सिंह, आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम को श्री आरती के साथ विराम दिया गया जिसके बाद सभी संगत ने लंगर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया जोगिंदर पाल शर्मा 151158544
