- 21वां श्री गंगा दशहरा महोत्सव की तैयारियां तेज
- मां बेल्हा देवी धाम में 21 हजार दीपों से होगा दीपोत्सव
- काशी के पुरोहित करेंगे भव्य मां सई गंगा महाआरती
- श्रद्धालुओं के लिए सजाया जाएगा पूरा धाम और घाट परिसर
- सुरक्षा के लिए धाम परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
- भक्तों से पांच दीपकों की थाली लाने की अपील
यूपी प्रतापगढ़। जनपद के प्रसिद्ध आस्था केंद्र मां बेल्हा देवी धाम में आयोजित होने वाले 21वें श्री गंगा दशहरा महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोमवार 26 मई को आयोजित होने वाले इस भव्य धार्मिक आयोजन को दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी, भक्तगण और प्रशासनिक टीमें लगातार जुटी हुई हैं। महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में आयोजन की रूपरेखा, सुरक्षा, साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मां बेल्हा देवी धाम परिसर और घाटों को इस बार विशेष रूप से सजाया जाएगा। फूल-मालाओं, आकर्षक विद्युत झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर जगमग करेगा। नगर पालिका के सफाई अधिकारी संतोष सिंह के नेतृत्व में सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। घाटों की धुलाई, रास्तों की सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समिति अध्यक्ष एवं धाम प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह ‘मुन्ना भैया’ ने बताया कि इस बार 21 हजार दीपों से मां बेल्हा देवी धाम और घाटों को प्रकाशमय किया जाएगा। दीपों की अलौकिक छटा के बीच काशी से आए विद्वान पुरोहित शंख, घंटा और घड़ियाल की ध्वनि के साथ मां सई गंगा की भव्य महाआरती करेंगे। महाआरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठेगा।समिति संयोजक एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि आयोजन की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्तगण सजावट, सफाई और व्यवस्थाओं में पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं। मंगला प्रसाद उर्फ रघ्घु पंडा समेत समिति के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सभी भक्त अपने घरों से पांच दीपकों की थाली लेकर आएं और दीपोत्सव व महाआरती में सहभागी बनकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए पूरे धाम परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। नए घाटों पर प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। समिति का दावा है कि इस बार का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और आकर्षक होगा। देखें प्रतापगढ़ से विशाल रावत की ख़ास रिपोर्ट

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