गंगा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प, करेंगे जल संरक्षण, बचाएंगे जल स्रोत
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, गंगा सेवक राजेश शुक्ला, बरेका अधिकारी साकेत के कार्यों के लिए मिला है जल प्रहरी सम्मान
वाराणसी । नदी, तालाब साफ सुथरे, जीवित रहेंगे तो जीवन देंगे और जल है तो प्रकृति, पर्यावरण, जीवन है। इसलिए जल स्रोतों की रक्षा करें, पानी न बहाएं न ही पानी के स्रोत मरने दें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण का संकल्प देशवासियों के सामने रखा है और जल प्रहरी बनकर हम इस संकल्प को अपने जीवन में उतार रहे हैं। यह विचार जल प्रहरी राजेश शुक्ला ने गंगा घाट पर आयोजित जल स्रोत संरक्षण, जल संरक्षण, संकल्प समारोह में व्यक्त किए। राजेश शुक्ला पिछले कई वर्ष से वाराणसी के गंगा तट की सफाई कर रहे हैं और उन्हें भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल द्वारा जल प्रहरी सम्मान प्रदान किया गया था जिसे लेकर दिल्ली से काशी पहुंचे जल प्रहरी संयोजक अनिल कुमार सिंह ने राजेश शुक्ला को यह सम्मान बुधवार को दशाश्वमेध घाट के गंगा तट पर प्रदान किया। राजेश शुक्ला ने जल प्रहरी सम्मान के लिए आभार जताते हुए जल प्रहरी सम्मान को जल संरक्षकों को समर्पित किया और हर जन से अपील करते हुए कहा कि पानी की हर एक बूंद , हर बूंद के स्रोत, बरसात के पानी को बचाने के लिए अभी से तैयारियां कर लें।* *जल प्रहरी 2026 का शुभारंभ भी इस अवसर पर किया गया और वाराणसी के नगर निगम आयुक्त हिमांशु नागपाल भी कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि थे। वाराणसी से राजेश शुक्ला के अलावा नगर निगम आयुक्त हिमांशु नागपाल व बरेका के डिप्टी चीफ इंजीनियर साकेत का चयन जस्टिस जीएस सिस्तानी की अध्यक्षता में गठित ज्यूरी द्वारा किया। हिमांशु नागपाल को मटुका, नाद नदी के पुनर्जीवन के लिए जल प्रहरी सम्मान जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल द्वारा नमामि गंगे के सहयोग से आयोजित दिल्ली में जल प्रहरी समारोह में घोषित किया गया था। हिमांशु नागपाल ने अब वाराणसी के कुंओ को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया है। उन्होंने कार्यक्रम में अपने संदेश में जल संरक्षण के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के लिए समर्पित भाव से काम करने की अपील को दोहराया और कहा कि जल संरक्षण, जलवायु संरक्षण से ही खुशहाल जीवन सम्भव है। उन्होंने अपने सन्देश में कहा मानसून से पहले हर एक जल स्रोत को साफ सफाई कर के तैयार कर लें ताकि वर्षा के जल को पूर्णतया संरक्षित किया जा सके। जल प्रहरी संयोजक अनिल सिंह ने इस अवसर पर नमामि गंगे द्वारा किए जा रहे कार्यों से जन जन के जुड़ाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि जल प्रहरी -2026 में पूरे देश के उन जल संरक्षकों को आमंत्रित किया जाएगा जो जल संरक्षण, जल स्रोतों को बचा रहे हैं और सर्वश्रेष्ठ काम करने वाले जल संरक्षकों को जल प्रहरी सम्मान सितम्बर माह में दिल्ली में आयोजित होने वाले समारोह में प्रदान किया जाएगा। प्राचीन दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति के अध्यक्ष-पंडित किशोरी रमण दुबे (बाबू महाराज) ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गंगा आरती से पहले देश भर से आये श्रद्धालुओं को शपथ दिलाई। इस अवसर पर गंगोत्री सेवा समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे , विश्वजीत राजपूत, छात्र जल प्रहरी,अभिनव सिंह, अधिवक्ता, उच्चन्यायालय प्रयागराज, रोहित सिंह सहित कई रेलवे व अन्य विभागों के अधिकारी हजारों श्रद्धालुओं के साथ मौजूद रहे ।। रविन्द्र गुप्ता 151009219
