असिस्टेंट प्रोफेसर ने प्रशासन से मांगी सुरक्षा, फोन पर मिली धमकी
डॉक्टर को गाली-गलौज व हत्या की धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप
ड्यूटी करने से रोकने की धमकी, डॉक्टर ने की कार्रवाई की मांग
मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के डॉक्टर ने दी तहरीर, सुरक्षा की मांग
फोन पर धमकी मिलने से सहमे डॉक्टर, आरोपी पर कार्रवाई की मांग
प्रतापगढ़ में डॉक्टर को धमकी का मामला, ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद
जान का खतरा बताकर डॉक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सौंपा प्रार्थना पत्र
मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की उठाई मांग
फास्ट न्यूज इंडिया यूपी प्रतापगढ़। मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ में तैनात सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विपिन चन्द्र पाण्डेय उर्फ बी.सी. पाण्डेय को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। डॉक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न केवल आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, बल्कि अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की भी गुहार लगाई है। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। डॉ. विपिन चन्द्र पाण्डेय ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि वह मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ के सर्जरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं तथा उनका स्थायी निवास पट्टी क्षेत्र के ग्राम तरहसे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि 19 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे ड्यूटी समाप्त कर घर पर आराम कर रहे थे। इसी दौरान उनके विभाग के कर्मचारी शिवम यादव के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें मां-बहन की भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार आरोपी प्रियांक मिश्रा नामक व्यक्ति ने फोन पर कहा कि वह जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में उन्हें ड्यूटी नहीं करने देगा। इतना ही नहीं, प्रतापगढ़ आने-जाने के दौरान रास्ते में हमला कर जान से मारने की भी खुली धमकी दी गई। डॉक्टर का आरोप है कि आरोपी लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है और उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। डॉ. पाण्डेय ने यह भी कहा कि आरोपी पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुका है। इसके संबंध में पूर्व में भी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। डॉक्टर का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण आरोपी का मनोबल लगातार बढ़ता गया और अब वह खुलेआम धमकी देने लगा है। पीड़ित डॉक्टर ने आरोपी को दबंग एवं आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए आशंका जताई है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी समय उनके साथ गंभीर घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि घटना से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। डॉ. पाण्डेय ने अपने प्रार्थना पत्र में मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व कर्मचारियों में भी आक्रोश और चिंता का माहौल है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि यदि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सबकी नजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी है कि वह इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित डॉक्टर को कितनी सुरक्षा मिल पाती है। रिपोर्ट विशाल रावत 151019049
