पंचक्रोशी यात्रियों से की अपील, गंगा में बहाया हुआ वस्त्र पुण्य नहीं प्रदूषण है, गंगा तट पर कपड़े छोड़कर न जाएं"
वाराणसी । गंगा में बहाया हुआ वस्त्र पुण्य नहीं प्रदूषण है इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए सनातन धर्म में विशेष महत्व रखने वाले पुरुषोत्तम मास प्रारंभ होने के अवसर पर मणिकर्णिका तीर्थ और उसके आस-पास के गंगा घाटों पर पंचकोशी यात्रियों और श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए पुराने वस्त्रों, प्लास्टिक और अन्य कचरे को 'नमामि गंगे' और 'नगर निगम '' की संयुक्त टीमों द्वारा सोमवार को श्रमदान कर साफ किया गया। नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारियों के साथ करीब 500 किलो कचरे को समेट कर नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने पंचक्रोशी यात्रियों व अन्य श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे धार्मिक मान्यताओं के नाम पर गंगा जल या किनारों पर पुराने वस्त्र न छोड़ें और घाटों को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा की सफाई ही गंगा की पूजा है। गंगा में बहाया हुआ वस्त्र पुण्य नहीं प्रदूषण है। पूजन सामग्री, श्रृंगार और वस्त्र नदी में बहाने के स्थान पर उन्हें छूकर मंदिर में अर्पित कर देना चाहिए। मां गंगा जीवंत हैं उन्हें फूल चाहिए, फेंका हुआ वस्त्र नहीं। स्वच्छता के दौरान नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, नगर निगम के कर्मचारी जिसमें रीना, नीलम, सुनीता, मनोज आदि शामिल रहे ।। रविन्द्र गुप्ता 151009219
